शर्म करो …नेता जी देखो अपने इलाके का हाल जनता त्रस्त तुम मस्त…वोट मांगने आये थे अब गर्भवती महिला को जनता 8 किलोमीटर कुर्सी में कराया सफर तब मिली सड़क……. 

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सरकार चाहे लाख दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है…. आज भी कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जहां सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा का अभाव है जिसके चलते या तो लोग यहां से पलायन करने को मजबूर हैं। या फिर आयदिन इन सुविधाओं के अभाव के चलते दिक्कतें झेलने को।

ओखलकांडा ब्लॉक आज भी स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है, जहां एक ओर सड़क न होने से लोगों को कई किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ रही है तो दूसरी ओर स्वास्थ्य सुविधा न होने से बीमार होने पर जान पर बन आती है। ओखलकांडा से एक और मामला सामने आया है जहां एक प्रसव पीड़ित महिला को अस्पताल ले जाने के लिए करीब 8 किमी कुर्सी पर रखकर लाना पड़ा।

बता दें ओखलकांडा के दूरस्थ कुकना ग्राम पंचायत की गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई। जब पीड़ा बढ़ी तो ग्रामीणों ने कुर्सी पर रखकर उसे सड़क पहुंचाया। जिसके बाद पीड़िता को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया जहां महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

देवली तक कुर्सी की मदद से पहुंचने से बाद एंबुलेंस की मदद से महिला को ओखलकांडा के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां से डॉक्टरों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। पहले एसटीएच में महिला को भर्ती करने से मना किया गया। बाद में ग्रामीणों के अनुरोध पर भर्ती किया गया। बताया जा रहा है बच्चे को आईसीयू में रखा गया है। इधर ग्रामीणों की मानें तो लगातार सरकार से सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग की जा रही है लेकिन वर्तमान तक सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

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