@ वाई पी एस पांगती रिसर्च फाउंडेशन पांचवी पुण्यतिथि… ★पांचवी पुण्यतिथि राष्ट्रीय वेबिनर का आयोजन किया गया जिसमें पर्यावरण चुनौती तथा विषय पर चर्चा …. ★रिपोर्ट -(सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल….

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@ वाई पी एस पांगती रिसर्च फाउंडेशन पांचवी पुण्यतिथि…

 

★पांचवी पुण्यतिथि राष्ट्रीय वेबिनर का आयोजन किया गया जिसमें पर्यावरण चुनौती तथा विषय पर चर्चा ….

★रिपोर्ट -(सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल….

 

नैनीताल -प्रो. वाई पी एस पांगती रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आज पांचवी पुण्यतिथि पर प्रो.यशपाल सिंह पांगती को श्रद्धांजलि दी तथा नमन किया इस अवसर पर राष्ट्रीय वेबिनर का आयोजन किया गया जिसमें पर्यावरण चुनौती तथा विषय पर चर्चा हुई ।मुख्य अतिथि कुलपति प्रो.दीवान सिंह रावत ने कहा की गुरु शिष्य परंपरा नए ज्ञान का सृजन करती है ।उन्होंने प्रो. पांगती को श्रद्धासुमन अर्पित किए और कहा के पौधो की जानकारी एवं संरक्षण जरूरी है,जिससे हम सतत विकास में योगदान कर सके।प्रो रावत ने कहा की पौधो की विविधता को संरक्षित करना हर मानव का कर्तव्य है।प्री रावत ने प्री पांगती के शोध कार्यों की प्रशंसा की तथा उनके बनाए हर्बेरियम को पूर्ण स्थापित करने का वायदा किया। डॉक्टर एम एस दुग्ताल ने कहा की इंसान को अपना जीवन दिन के नियमो से चलाना चाहिए सुबह गर्म पानी पीना ,सुगर कम खाना घूमना जरूरी है जिससे वो स्वस्थ रहे तथा बेहतर कार्य कर सके। प्रो. जी एस टिटियाल ने कहा आंखे सुंदरतम रचनाएं है जिनसे संसार दिखता है इनका ध्यान रखना जरूरी है आंखे जीवन का रास्ता दिखाती तो पर्यावरण के तरफ भी हम संरक्षण का संदेश देते ।

 

पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील नौटियाल ने जलवायु परिवर्तन ,नदियों के रख रखाव ,जैव विविधता संरक्षण के साथ टेक्नोलॉजी के विकास पर सबका ध्यान आकर्षित किया तथा कहा की प्रबंधन जरूरी है ।डॉक्टर वाई .पी. एस .पांगती मेमोरियल व्याख्यान देते हुए प्रो. एस पी खुल्लर ने हिमालयन फर्न ,पांगती , गार्ज ,किलबरी ,तथा हिमालय के पर्यावरण विसय पर व्यापक प्रकाश डाला उन्होंने प्रो. पांगती के साथ अपने फर्न के अनुभव साजा किए, तथा कहा पौधो की प्रजातियों को सही नामकरण हो ,ग्लेशियर्स पर शोध बड़ाया जय जिससे वन को संरक्षित करने में मदद मिलेगी और हम जलवायु परिवर्तन से मुकाबला कर पाएंगे। उन्होंने कहा मानव जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है। संचालन करते हुए महासचिव प्रो. ललित तिवारी ने प्रो.वाई पी एस पांगती का जीवन वृत्त प्रस्तुत किया तथा अध्यक्ष डॉक्टर बी एस कालाकोटी ने सभी का स्वागत तथा डॉक्टर मीना पांडे पुणे ने फाउंडेशन की तरफ से धन्यवाद किया।पूर्व निदेशक वाइल्ड लाइफ संस्थान प्रो.जी एस रावत तथा पूर्व निदेशक एच एफ आर आई शिमला डॉक्टर एस एस सामंत ने कहा की हिमालय को सतत विकास में संरक्षित करना है। हिमालय ही इकोसिस्टम सर्विसेज देता है । 2023 के लिए डॉक्टर वाई पी एस पांगती मेमोरियल अवार्ड हेतु उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रो. एस पी खुल्लर प्रोफेसर एमिरेटस पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ,डॉक्टर एम एस दुग्ताल फिजिशियन बी डी पांडे हॉस्पिटल नैनीताल तथा प्रो. जी एस टिटियाल आई स्पेशलिस्ट सुशीला तिवारी अस्पताल को दिया जाने की घोषणा डॉक्टर बहादुर सिंह कालाकोटी अध्यक्ष प्रो. पांगती रिसर्च फाउंडेशन ने की ।इससे पूर्व प्रो. पांगती की याद में डीएसबी में देवदार का पौधा लगाया गया जिसमें प्रो.ललित तिवारी ,डॉक्टर नवीन पांडे ,डॉक्टर हेम जोशी ,डॉक्टर हर्ष चौहान ,विशाल बिष्ट ,गीतांजलि उपाध्याय शामिल हुए ।आज वेबिनार में वक्ताओं ने प्रो.पांगती के सरल व्यक्तित्व तथा समर्पित कार्य पर भी प्रकाश डाला ।कार्य क्रम में प्रो. उमा मेलकानिया ,डॉक्टर एन एस बनकोटी ,डॉक्टर जी सी जोशी ,प्रो गीता तिवारी ,प्रो नीलू लोधियाल ,प्रो एल एस लोधियाल ,डॉक्टर पूनम ,डॉक्टर सुरभि ,डॉक्टर बी एस अधिकारी ,प्रो.भावना पांडे , दिव्या,गीतांजलि ,डॉक्टर हर्ष चौहान ,प्रो.एस सी सती ,डॉक्टर नवीन पांडे ,डॉक्टर एस सी पंत , डॉक्टर हरमिंदर सिंह डॉक्टर गजेंद्र सिंह,डॉक्टर मनीष बेलवाल , डॉक्टर जी सी एस नेगी ,डॉक्टर आई डी भट्ट ,,बी डी सुयाल रिटायर्ड पीसीसी एफ हिमाचल ,प्रो. अनिल जोशी अल्मोड़ा। डॉक्टर तनुजा पांगती सहित 100से ज्यादा प्रतिभागी देश के विभिन्न भागों राज्य के प्रतिभागी रहे ।