@हल्द्वानी मटर गली के समीप नजूल भूमि में बनी व्यायामशाला की भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा…. ★नजूल भूमि के लगभग 5 एकड़ भूमि में अतिक्रमण किया गया है… ★रिपोर्ट– (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल….

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@हल्द्वानी मटर गली के समीप नजूल भूमि में बनी व्यायामशाला की भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा….

 

★नजूल भूमि के लगभग 5 एकड़ भूमि में अतिक्रमण किया गया है…

★रिपोर्ट– (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल….

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी मटर गली के समीप नजूल भूमि में बनी व्यायामशाला की भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किए जाने और उन्हें हटाए जाने को लेकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश को लिखे गए पत्र का स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में करते हुए कोर्ट की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को आपत्ति दर्ज करने के लिए 6 दिसंबर तक का समय दिया है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 6 दिसंबर की तिथि नियत की है।
आज हुई सुनवाई के दौरान न्यायमित्र गोपाल के वर्मा ने क्षेत्र निरीक्षण कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट पेश कर कहा है कि नजूल भूमि के लगभग 5 एकड़ भूमि में अतिक्रमण किया गया है जिसमे केवल 20 लोगों द्वारा ही इसे फ्री होल्ड कराया गया है। जबकि इस क्षेत्र में सैकड़ो लोगों द्वारा दुकानें खोलकर व्यवसायिक गतिविधियां की जा रही है। बता दें कि हल्द्वानी व्यायामशाला सोसायटी के पदाधिकारी मंगत राम गुप्ता ने उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर कहा है कि हल्द्वानी मटर गली के समीप नजूल भूमि में बनी व्यायामशाला की जमीन पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा कर वहां पर निर्माण कर लिया है जिसमे स्वराज आश्रम भी शामिल है। यह व्यायाम शाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को निशुल्क परिशिक्षण देना था। जिस पर अतिक्रमण कई लोगो के द्वारा किया गया। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से व्यायाम शाला की भूमि से अतिक्रमण हटाने की गुहार 2018 में लगायी थी। पूर्व में कोर्ट ने उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता गोपाल के. वर्मा को न्यायमित्र नियुक्ति किया था । पूर्व की जांच रिपोर्ट में जिला प्रशासन ने माना था कि व्यायाम शाला की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है।