मेट्रोपोल में 1 तारिख को चलेगा बुलडोजर…नोटिस के बाद अब कटेंगे बिजली पानी के कनेक्शन….15 दिन में घर खाली करने के निर्देश फिर हटेगा 134 अवैध अतिक्रमण..

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नैनीताल – नैनीताल के मेट्रोपोल में अवैध अतिक्रमण पर बुल्ड़ोजर चलने की तारिख तय हो गई है। 1 अगस्त को अवैध अतिक्रमण को बल पूर्वक खाली कराया जायेगा..बकायदा इसके लिये आज पुलिस ने नोटिस तालिम कर दिये हैं और कब्जेदारों को यहां से खुद ही हटने के साथ अपना सामान हटाकर घर खाली करने के निर्देश जारी कर दिये हैं।
शुक्रवार को पुलिस की टीम मेट्रोपोल पहुंची और लोगों को 1 दिनों में घर खाली करने के निर्देश दे दिये हैं..इस दौरान पुलिस ने कब्जेदारों को कहा है कि वो सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं नहीं तो बल पूर्वक कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। इससे पहले 128 से ज्यादा अतिक्रमणकारियों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया था और दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया था,,कई बार मांगने के बाद भी ये अतिक्रमणकारी दस्तावेज ही जमा नहीं कर सके हैं जिसके बाद अब प्रशासन इन अवैध अतिक्रमणकारियों से सख्ती से निपटने जा रहा है और प्लान तैयार कर लिया गया है। वहीं जिला प्रशासन इन सभी के बिजली पानी के कनेक्शन भी काटने जा रहा है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई अमल में लाने की तैयारी है। वहीं आज सीओ नैनीताल संजय गर्ब्याल ने बताया कि आगामी 1 तारिख से अतिक्रमण पर कार्रवाई की जायेगी और इन सभी को 134 परिवारों को नोटिस दे दिये हैं और अधिकारियों के निर्देश के बाद इन सभी को सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिये हैं।

खाली जमीन पर कब्जा

आपको बतादें कि नैनीताल में शत्रु सम्पत्ति मेट्रोपोल की जमीन पर बाहरी लोगों द्वारा कब्जा किया है जिसको लेकर वकील नितिन कार्की ने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है। केन्द्र सरकार के अधीन इस 11,385 वर्गमीटर पर निर्माण है तो 22,489 वर्गमीटर खाली जमीन पर कब्जे हो रहे हैं जिसकी कीमत 90 करोड़ से ज्यादा की इस सम्पत्ति को राजा मोहम्मद अमीर अहमद खान निवासी महमूदाबाद जिला सीतापुर का बताया जाता है, जिसे 1965 में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रकाशित गजट के आधार पर शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया. दरअसल 1947 में देश के बंटवारे के अलावा 1962 में चीन, 1965 और 1971 पाकिस्तान के खिलाफ हुई जंग के दौरान या उसके बाद भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए नागरिकों को भारत सरकार शत्रु मानती है. भारत सरकार ने 1968 में शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू किया था, जिसके तहत शत्रु संपत्ति की देखरेख एक कस्टोडियन को दी गई. केंद्र सरकार में इसके लिए कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी विभाग भी है, जिसे शत्रु संपत्तियों को अधिग्रहित करने का अधिकार है.