@ उत्तराखंड में आदि कैलाश यात्रा 13 मई से शुरू होगी….. ★. पीएम नरेंद्र मोदी बीते साल नवंबर में आदि कैलाश दर्शन को पहुंचे थे….. ★. अपनी गाड़ियों से भी जा सकते हैं आदि कैलाश……. रिपोर्ट (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

181

@ उत्तराखंड में आदि कैलाश यात्रा 13 मई से शुरू होगी…..

★. पीएम नरेंद्र मोदी बीते साल नवंबर में आदि कैलाश दर्शन को पहुंचे थे…..

★. अपनी गाड़ियों से भी जा सकते हैं आदि कैलाश…….

रिपोर्ट (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

हल्द्वानी:
पिथौरागढ़ धारचूला स्थित भगवान शिव के पवित्र धाम आदि ,कैलाश ॐ पर्वत यात्रा इस साल 13 मई 2024 से शुरू होगी। जो कि नवंबर के पहले हफ्ते तक जारी रहेगी। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी है।

आठ दिन के यात्रा पैकेज को करीब पांच हजार रूपए सस्ता कर 40 हजार रेट तय किया गया है।केएमवीएन के महाप्रबंधन एपी वाजपेयी ने बताया कि आदि कैलाश व ओम पर्वत तक अब सड़क मार्ग से पहुंच हो गई है। इसलिए रेट कम किए गए हैं।

काठगोदाम से शुरू होने वाली यात्रा आठ दिन की होगी। इसमें यात्रियों के रहने, भोजन, इनर लाइन पास सहित सभी सुविधाएं शामिल होंगी। यात्रियों को पिथौरागढ़ के प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर, अल्मोड़ा का चितई गोलू मंदिर व चंपावत के एबक माउंट में भी रात्रि विश्राम करवाया जाएगा।

★. पीएम मोदी के पहुंचने के बाद बढ़े यात्री

पीएम नरेंद्र मोदी बीते साल नवंबर में आदि कैलाश दर्शन को पहुंचे थे। जिसके बाद से आदि कैलाश के लिए श्रद्धालुओं, पर्यटकों के बीच काफी उत्साह है।

यही कारण रहा कि बीते साल प्रशासन ने नवंबर के आखिरी सप्ताह तब भी पर्यटकों के लिए आदि कैलाश क्षेत्र में प्रवेश के लिए अनिवार्य इनर लाइन परमिट जारी किए। पिथौरागढ़ लिपुलेख हाईवे की स्थिति ठीक होने व इलाके में संचार सेवाएं शुरू होने से हिमालय के इस दुर्गम इलाके में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।

★. अपनी गाड़ियों से भी जा सकते हैं आदि कैलाश

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित कैलाश व ओम पर्वत तक अब श्रद्धालु अपने वाहन से भी जा सकते हैं। पर हिमालय के इस दुर्गम इलाके में गाड़ी चलाना बेहद मुशकिल काम है। जिस कारण यहां कई बार बड़े हादसे भी हो जाते हैं। यहां जाने के लिए फोर बाई फोर गाड़ी की ही जरूरत होती है। अपने वाहन से आने वाले लोगों को पहले धारचूला एसडीएम कार्यालय से इनर लाइन परमिट बनवाना होता है। जिसके बाद ही इस इलाके में एंट्री मिलती है। इसके अलावा आपको मेडिकल परीक्षण भी करना होता है।