नैनीताल – फिल्म अभिनेता धर्मेद्र आज इस दुनियां में नहीं रहे लेकिन नैनीताल से उनकी यादें जरुर जुड़ी हैं..अपने दमदार डाँयलाँग से लोगों के दिलोंमें राज करने वाले धर्मेंद्र अपनी फिल्म हुकूमत के दौरान नैनीताल आए और कई दिन यहां के लोगों के बीच रहे..1987 में रुपहले पर्दे पर आई ये फिल्म ना सिर्फ धमाल मचा गई बल्कि कई स्थानीय कलाकारों को भी फिल्म में किरदार निभाने का मौका मिला..अपनी शूटिंग के दौरान इन कलाकारों से ना सिर्फ धर्मेंद्र का जुड़ाव रहा बल्कि नैनीताल के नईम भाई के अभिनय के तो कायल भी धर्मेद्र हो गए..
दरअसल 1987 में आई फिल्म हुकूमत के दौरान अभिनेता स्व0 धर्मेंद्र ने नैनीताल की वादियों में शूटिंग की..इस दौरान नैनीताल की माँलरोड़ हो या फिर नैनीझील या फ्लैट्स मैदान इन सभी स्थानों पर फिल्म की शूटिंग की तो भीमताल में भी इस फिल्म के कई दृष्यों को फिल्माया गया था..फिल्म की शूटिंग के दौरान कई स्थानीय कलाकारों का पहले आँडिशन लिया गया और फिल्म में छोटे- छोटे रोल दिये गये..फिल्म ( इस अफसर का बाजा बजा दो..हम क्या चीज हैं इसको बता दो ) के दौरान नैनीताल गुड़लक सैलून के आँनर नईम भाई ने भी रोल किया..इस दौरान कुछ लोगों ने एक को पकड़ा है और नईम भाई इसका सर मुंड़वाते हैं..हांलाकि जब इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी तो उस वक्त सिर्फ 2 टेक में इसकी शूटिंग हुई और धर्मेंद्र भी उस सीन में थे और उनको ड़र था कि कही कोई कट ना लग जाए..नईम भाई से जब हमारी बात हुई तो इस बात को लेकर दुखी दिखे कि धर्मेंद्र नहीं रहे..लेकिन नईम भाई ने कहा कि हुकूमत के दौर की यादें बहुत हैं मैने काम किया मेरा शाँट था राजेंनाथ, राज किशोर, धर्मेंद्र भी उस शाँट में थे और मेरे पास आए बोले और कहा मास्टर साहब थोड़ा देख के करियेगा..मैने कहा कि पहले एक टेक ले लें दूसरे में में ओके कर दूंगा.. धर्मेंद्र ने जब पूछा कि इतना विश्वास कैसे तो नईम भाई ने कहा कि सर में स्टेज भी करता हूं, जिसके बाद धर्मेंद्र ने कहा कि तब हमें कोई चिंता नहीं है उसके बाद मैने शाँट को ओके कर दिया तो मुझे सीने से लगा दिया और कहा कि मास्टर साहब मुझे अच्छा लगा..उनके बोलने का तरिका बहुत बढिया था इंसान से मुहब्बत थी मैने बहुत फिल्मों में काम किया लेकिन जो धर्मेंद्र के साथ प्यार था वो कहीं नहीं रहा..
वहीं इसी फिल्म में भूमिका निभाने वाले नैनीताल के दिलावर ने बताया कि 1987 की बात है मैं भी भीड़ में खड़ा होकर देख रहा था,लोकल कलाकार गानों के साथ अन्य में थे जब मैने आँडिशन दिया तो मुझे भी छोटे रोल के लिये फिल्म में लिया गया,एक गाने के दौरान उनके कपड़ फटते हैं तो मुझे एक लड़की को उठाकर ले जाना था मुझसे वो लड़की नहीं उठी तो धर्मेंद्र ने कहा कि यार मै बताना तैनू ऐसे हाथ डाल ऐसे उठा उप्पर चढ जा मैने वैसे ही किया तो शाँट ओके हो गया…दिलावर कहते हैं कि वो इतने बढिया आदमी थे कहीं से नहीं लगता था कि इतना बड़ा एक्टर या स्टार उनसे ऐसे बोले..कोई गुरुर उनमें नहीं था बड़ी मुश्किल से ऐसे एक्टर मिलते हैं..आज उनका जाना दुख दे रहा है मगर उनको श्रृधांजलि देते हैं..







