नैनीताल। नैनीताल में आयोजित पांचवें बायोटेक्नोलॉजी कन्क्लेव में वैज्ञानिकों ने किसानों को जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि, पशुपालन और रोजगार सृजन के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. धीर सिंह, पंतनगर कृषि विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान और जैव प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक संजय कुमार ने जैव ई-3 नीति के बारे में बताया, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, पर्यावरण की रक्षा करना और रोजगार सृजन करना है।
इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती, पशुपालन, मुधुमक्खी पालन और मछली पालन के वैज्ञानिक तरीके सिखाए और उन्हें रोजगार के अवसरों के बारे में बताया। शोधार्थियों और उद्यमियों ने अपने शोध कार्यों को प्रदर्शित किया और किसानों की चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की।
इस अवसर पर भारत, नेपाल और रूस के वैज्ञानिकों ने अपने विचार रखे और किसानों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपार संभावनाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम में 300 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें पटवाडांगर केंद्र प्रभारी डॉ. सुमित पुरोहित, डॉ. पीयूष कुमार और डॉ. अविनाश शर्मा शामिल थे।







