नैनीताल में पहाड़ी शहरों की चुनौतियों पर मंथन, सतत विकास पर जोर…
रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल…
नैनीताल।
सोसाइटी फॉर माउंटेन डेवलपमेंट एंड कंजर्वेशन (एसएमडीसी) नैनीताल की ओर से रविवार 4 जनवरी 2026 को एचआरडीसी हार्मिटेज, नैनीताल में उत्तराखंड के पहाड़ी शहरों और उनकी समस्याओं को लेकर एक विचार-मंथन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में शहर के शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों, पत्रकारों, होटल व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, प्रो. ज्योति जोशी, वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी एवं एसएमडीसी की महासचिव डॉ. श्रुति साह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
एसएमडीसी की महासचिव डॉ. श्रुति साह ने संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संस्था पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों, जल संरक्षण और सतत आजीविका सृजन जैसे विषयों पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए मशरूम व फूलों की खेती जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम, तथा जल संरक्षण के लिए पारंपरिक व वैज्ञानिक ज्ञान के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सम्मेलन के उद्देश्य पर बोलते हुए प्रो. आशीष तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी शहर आज ट्रैफिक दबाव, अनियंत्रित निर्माण, पर्यटन का बढ़ता बोझ और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में सभी हितधारकों के अनुभव और सुझावों को एक साझा मंच पर लाकर ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है।
विचार-मंथन सत्र में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, सुनियोजित पर्यटन, यातायात व्यवस्था, कृषि एवं हॉर्टिकल्चर, स्थानीय उत्पादों के उपयोग, जल संरक्षण, आजीविका सृजन, नागरिक कर्तव्यों, कचरा प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, वाइल्ड लाइफ कॉन्फ्लिक्ट और आउट माइग्रेशन जैसे विषयों पर अपने-अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि पहाड़ी शहरों की कैरींग कैपेसिटी को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि यहां सामने आए सुझावों को संकलित कर सरकार तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि इनके आधार पर प्रभावी नीति बनाई जा सके। उन्होंने एक सशक्त सिविल सोसाइटी के गठन पर भी जोर दिया, जो प्रशासन के साथ मिलकर क्षेत्र के सतत विकास में भूमिका निभाए।
एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि “शहर हमारा है और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी हम सभी की है।” वहीं होटल एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने पर्यटन में स्थानीय लोगों की भूमिका सुनिश्चित करने की बात कही। वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी ने नैनीताल के ऐतिहासिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया, जबकि अंत में डॉ. बीना तिवारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
सम्मेलन में प्रॉफ गीता तिवारी ,प्रॉफ हरिप्रिया पाठक , डॉ बीना जोशी , डॉ. नीता आर्य, डॉ. नन्दन सिंह मेहरा , डॉ. कृष्ण कुमार टम्टा, डॉ. नवीन पाण्डे, डॉ. इकरामजीत मान,अंचल पंत, हरीश राणा,मदन मेहरा, वेद साह,नीरज जोशी एवं
एसएमडीसी नैनीताल के सदस्य, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के जागरूक नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।







