हूं संकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी)..
विशेष- राजीव पांडे(खीमदा )…
नैनीताल।
भोल दिनांक 06 जनवरी 2026 को हूं संकट चौथ (संकष्टी चतुर्थी) का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। यह व्रत भगवान श्री गणेश को समर्पित है और इसे वर्ष में दो बार मनाने की परंपरा है—एक बार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी में तथा दूसरी बार भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को।
मान्यता के अनुसार, यह व्रत घर के ठुल (वरिष्ठ) सदस्य द्वारा किया जाता है। व्रत के दौरान परिवार की सुख-शांति और संकटों से मुक्ति की कामना की जाती है। इस अवसर पर विशेष रूप से घर के सभी सदस्यों के नाम से बेर गिने जाते हैं—
महिला सदस्यों के लिए 28-28 बेर,
पुरुष सदस्यों के लिए 108-108 बेर,
इन बेरों को भगवान श्री गणेश जी को अर्पित किया जाता है। साथ ही तिल और मोदक से बने बेर चढ़ाने की भी परंपरा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संकट चौथ का व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, विघ्न-बाधाएं समाप्त होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन व्रती प्रायः चंद्र दर्शन के पश्चात ही व्रत का पारण करते हैं।भक्तों की आस्था है कि श्री गणेश जी सभी कष्टों को हरते हैं और सच्चे मन से की गई पूजा अवश्य फल देती है।
जय श्री गणेश।







