जांच के नाम पर खानापूर्ति… पीएमजीएसवाई सड़क में घोटाले की बू, मनचाही जगह खुदाई कर बचाया ठेकेदार… रिपोर्ट- (ब्यूरो) “स्टार खबर” नैनीताल..

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मदकोट/मुनस्यारी।
मदकोट–धारखेत–गैला–तोमिक पीएमजीएसवाई मोटर मार्ग की घटिया गुणवत्ता को लेकर उठी शिकायतों के बाद विभागीय जांच तो पहुंची, लेकिन यह जांच कम और ठेकेदार को क्लीन चिट देने की कवायद ज़्यादा नजर आई।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का सीधा आरोप है कि पीएमजीएसवाई विभाग की जांच टीम ने सड़क के उन्हीं हिस्सों में खुदाई की, जहां डामर मोटा और सड़क देखने में ठीक थी—और यह निशान पहले से ही ठेकेदार के लोगों द्वारा लगाए गए थे। वहीं जहां सड़क उखड़ी हुई है, डामर की मोटाई मानकों से कम है और जगह-जगह ऊँच-नीच व धंसाव है, उन स्थानों को जानबूझकर जांच से दूर रखा गया।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार खराब हिस्सों में जांच की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, जांच टीम ने अगले दिन दोबारा आने का भरोसा दिलाया, पर दूसरे दिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे जांच की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि मोटर मार्ग की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पीएमजीएसवाई विभाग और संबंधित ठेकेदार की होगी। इसके बावजूद विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायतकर्ता और जनप्रतिनिधियों को जांच की कोई पूर्व सूचना तक नहीं दी गई। जांच में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया गुपचुप और संदिग्ध प्रतीत होती है।जिला पंचायत सदस्य भावना दानू (मदकोट, मुनस्यारी) ने तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह जांच नहीं बल्कि दिखावा है। उन्होंने कुमाऊं आयुक्त नैनीताल और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से मांग की है कि वे स्वयं अपने नेतृत्व में उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच कराएं, ताकि सड़क घोटाले की सच्चाई सामने आ सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच और सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और विभाग की होगी।