नैनीताल। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के अधिवक्ताओं ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राजस्व अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
बार संघ अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में भी अधिकारियों को पत्र के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं किया जा रहा है, जिससे अधिवक्ता समुदाय में रोष व्याप्त है।
एसोसिएशन के सचिव दीपक रूवाली ने कहा कि जिले के कुछ अधिकारी अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायिक अधिकारी समय पर न्यायालय में नहीं बैठ रहे हैं तथा राजस्व न्यायालयों में गैर-विधिक व्यक्तियों से कार्य कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालयों में अन्य अनियमितताएं भी सामने आ रही हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।सचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी अधिवक्ता के साथ अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया तो उसका उचित जवाब दिया जाएगा।धरने की सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी (एडीएम) विवेक राय मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं की मांगों पर लिखित आश्वासन दिया। उन्होंने शीघ्र ही कार्यप्रणाली में सुधार का भरोसा दिलाया।अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आश्वासन के बावजूद अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो 23 फरवरी से हल्द्वानी व रामनगर बार एसोसिएशन सहित अन्य जिला बार एसोसिएशनों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।धरने में उपाध्यक्ष शंकर चौहान, दीपक दत्त, ओंकार गोस्वामी, नीरज साह, ज्योति प्रकाश सिंह बोरा, प्रताप सिंह पडियार, शरद साह, अरुण बिष्ट, अनिल बिष्ट, कमल चिलवाल, सुभाष जोशी, रवि आर्या, मनीष कांडपाल, दीपक दानु, नीरज गोस्वामी, जितेंद्र बंगारी, गजेंद्र मेहरा, प्रदीप परगाई, तरुण चंद्रा, निर्मल कुमार, प्रदीप प्रसाद, एस.के. गोयल, प्रीति साह, किरन आर्या, जया आर्या, हेमंत कुमार सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।





