भीमताल–नौकुचियाताल पर्यटन मार्ग के 6 किमी डामरीकरण व सौन्दर्यीकरण की उठी मांग… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल…

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भीमताल। ‘दो प्रमुख झीलों’ को जोड़ने वाले भीमताल–नौकुचियाताल मुख्य पर्यटन मार्ग के उच्च कोटि के डामरीकरण एवं सम्पूर्ण सड़क के पर्यटन दृष्टि से सौन्दर्यीकरण की मांग तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से किलोमीटर 1 से 6 तक पूरी सड़क का शीघ्र डामरीकरण कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में विभाग द्वारा केवल किलोमीटर 1 और 2 के डामरीकरण की योजना तय की गई थी, जबकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए किलोमीटर 3 और 4 में भी सड़क की ऊपरी परत का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। ऐसे में आंशिक नहीं, बल्कि पूरी 6 किलोमीटर सड़क का गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण आवश्यक है।

सड़क पर धूल और उखड़ा डामर बना परेशानी का कारण

मुख्य पर्यटन मार्ग पर जगह-जगह डामर उखड़ने से पूरी सड़क पर धूल उड़ रही है। सड़क किनारे की नालियां झाड़ियों से ढक चुकी हैं, जिनमें मिट्टी, पत्थर और रोड़ा भर गया है। सड़क और नाली के बीच जमा धूल-मिट्टी वाहनों के गुजरते ही हवा में उड़ने लगती है, जिससे आसपास की दुकानों और घरों तक धूल पहुंच रही है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इंटरलॉक टाइल्स व सुरक्षा कार्य भी लंबित

विभाग को कई बार सड़क के दोनों किनारों पर इंटरलॉक टाइल्स लगाने का सुझाव दिया गया, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। साथ ही ‘यू-टर्न’, हेयरपिन और तीव्र मोड़ों पर पर्यटन व यातायात सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कार्यवाही भी अभी तक अधूरी है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सौन्दर्यीकरण प्रस्ताव को फिर भेजने की मांग
उन्होंने कहा कि पूर्व में पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सड़क के सौन्दर्यीकरण हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं हो सका। अब पुनः पर्यटन सड़क निधि के अंतर्गत पूरी 6 किलोमीटर सड़क के डामरीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के लिए बजट आवंटन का प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भीमताल और नौकुचियाताल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। ऐसे में इन दोनों झीलों को जोड़ने वाला मार्ग सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक होना चाहिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके और क्षेत्र की पर्यटन छवि भी मजबूत हो।