नैनीताल। विजिटिंग प्रोफेसर डायरेक्टरेट तथा रसायन विज्ञान विभाग द्वारा कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी कैंपस में आयोजित विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में प्रख्यात जर्मन वैज्ञानिक प्रो. क्रिस्टोफ अरेंज ने “स्पिंगोलिपिड मेटाबोलिज्म फॉर ड्रग डिस्कवरी” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि स्पिंगोलिपिड मेटाबोलिज्म के अध्ययन से नई दवाओं की खोज में महत्वपूर्ण संभावनाएं विकसित हो रही हैं और यह आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान का एक अहम क्षेत्र है।कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली से आईं प्रो. शैलजा सिंह ने मलेरिया की रोकथाम और उसके पैरासाइट को ब्लॉक करने से जुड़ी नवीन शोध पर अपना कार्य प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्रों को बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से संक्रामक रोगों की रोकथाम के प्रभावी उपाय विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन प्रो. चित्रा पांडे ने की, जबकि संचालन प्रो. सहराज अली ने किया। निदेशक प्रो. ललित तिवारी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया।दोनों वक्ताओं ने अपनी शोध यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं को जिज्ञासा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ शोध कार्य करने का संदेश दिया। रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. नंदा गोपाल साहू ने प्रो. क्रिस्टोफ अरेंज का स्वागत करते हुए उनकी शोध उपलब्धियों का संक्षिप्त परिचय दिया और कहा कि उनके मार्गदर्शन से विभाग के शोधार्थी नई उपलब्धियों की ओर प्रेरित होंगे।
इस अवसर पर प्रो. क्रिस्टोफ अरेंज एवं प्रो. शैलजा सिंह को शॉल ओढ़ाकर तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. गीता तिवारी, डॉ. सुहेल जावेद, प्रो. महेश चंद्र आर्या, डॉ. मनोज धूनी, डॉ. पैनी जोशी, डॉ. ललित मोहन, डॉ. गिरीश खर्कवाल, डॉ. आंचल अनेजा और डॉ. भावना पंत सहित रसायन विभाग के शोधार्थी, एमएससी के विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अंत में डॉ. दीपशिखा जोशी ने दोनों वक्ताओं को स्मृति-चिह्न भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।







