नैनीताल।
प्रभागीय वनाधिकारी, नैनीताल वन प्रभाग एवं निदेशक प्राणी उद्यान आकाश गंगवार के निर्देशन में हिमालयन बोटैनिकल गार्डन, नारायणनगर में 09 मार्च से 11 मार्च 2026 तक तीन दिवसीय नेचर गाइड एवं ईको टूरिज्म प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कैट प्लान योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की क्षमता विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रतिभागियों को हिमालयी क्षेत्रों की फ्लोरा (वनस्पति) एवं जैव विविधता की जानकारी दी गई। इसके साथ ही नेचर गाइड के नियम, कर्तव्य और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को हिमालयन बॉटनिकल गार्डन की जैव विविधता, प्रमुख पौधों और औषधीय वनस्पतियों से अवगत कराया गया। साथ ही बर्ड वाचिंग और पक्षियों की पहचान से संबंधित जानकारी देते हुए गार्डन का भ्रमण भी कराया गया।
द्वितीय दिवस में प्रतिभागियों को ट्रेक रूट अध्ययन के अंतर्गत टांकी से नैना पीक और नैना पीक से किलबरी वन विश्राम गृह तक भ्रमण कराया गया। इस दौरान वनस्पति एवं वन्यजीव अवलोकन, बर्ड वाचिंग, नैना देवी जलकुंड का भ्रमण तथा किलबरी-पंगूट क्षेत्र (नैना देवी हिमालयन पक्षी संरक्षण आरक्षित क्षेत्र, नैना रेंज) का भी अध्ययन कराया गया।
तृतीय दिवस में हिमालयन बोटैनिकल गार्डन, नारायणनगर में कैट प्लान योजना के अंतर्गत नेचर गाइड एवं ईको टूरिज्म प्रशिक्षण से स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रारंभ करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए तथा नैना देवी हिमालयन पक्षी संरक्षण आरक्षित क्षेत्र में ट्रेक के दौरान देखी गई वनस्पति, वन्यजीव एवं पक्षियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर ममता चन्द, उप प्रभागीय वनाधिकारी, नैनीताल वन प्रभाग, नितिन पन्त, वन क्षेत्राधिकारी बढ़ौन/मनोरा वन क्षेत्र, विजय भट्ट, उत्तरी गौला वन क्षेत्र, आनन्द लाल, वन क्षेत्राधिकारी प्राणी उद्यान नैनीताल, अभय जोशी, वन क्षेत्राधिकारी (परिवीक्षा), अरविन्द कुमार, वन आरक्षी हिमालयन बोटैनिकल गार्डन, पूरन जोशी, बर्ड वाचर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनी रावत, बोटनिस्ट, हिमालयन बोटैनिकल गार्डन द्वारा किया गया।
इसके अतिरिक्त पूर्व में नैनीताल वन प्रभाग द्वारा राजकीय मौन पालन केन्द्र, ज्योलिकोट के माध्यम से मौन पालन प्रशिक्षण, मुख्य मशरूम विकास अधिकारी, ज्योलिकोट द्वारा मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण तथा राजकीय होटल मैनेजमेंट एवं कैटरिंग संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा होमस्टे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।





