पिथौरागढ़।धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गलाती पुल इन दिनों ‘खतरे का पुल’ बन चुका है। पुल पर भारी जलभराव और जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने यात्रियों की जान सांसत में डाल दी है। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी आंखें मूंदे बैठा है।
यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विक्रम दानू एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। जलभराव के कारण पुल की नींव तक कमजोर पड़ने लगी है, जिससे इसकी मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इसी रास्ते से रोजाना प्रशासनिक अधिकारी भी गुजरते हैं, बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आम जनता और यात्रियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल पुल की मरम्मत और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
चेतावनी:
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।





