आंतरिक शांति और खुशी पर विशेष सत्र.. विद्यार्थियों को दिए जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र.. रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में आयोजित लाइफ कौशल कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर ‘आंतरिक शांति और खुशी’ विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर डॉ. मंद्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सकारात्मक रहना और स्वयं पर विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी सीख है, जो व्यक्ति को हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलता नयाल ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उनका व्याख्यान ‘आंतरिक शांति और खुशी’ विषय पर केंद्रित रहा।
डॉ. नयाल ने सत्र की शुरुआत एक रिलैक्सेशन गतिविधि से की, जिससे प्रतिभागियों को मानसिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने ‘हिडन बैगेज’ (छिपे हुए भावनात्मक बोझ) की अवधारणा को समझाते हुए क्रोध प्रबंधन और बचपन के भावनात्मक उपचार (चाइल्डहुड हीलिंग प्रोसेस) पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इसके साथ ही ‘वॉटर बॉटल एक्टिविटी’ के माध्यम से सकारात्मक पुष्टि (अफर्मेशन्स) के महत्व को बताया।
दूसरे सत्र में ‘पैसेंजर्स ऑन अ बस’ नामक भूमिका-निभाने की गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने प्रकृति, मित्र, समाज, परिवार, लक्ष्य और संज्ञानात्मक मन जैसी विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। इसके पश्चात ‘डिप्रेशन और कॉग्निटिव माइंड’ के बीच रस्साकशी (टग ऑफ वॉर) करवाई गई, जिसका समापन ‘ड्रॉप द रोप’ के सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ग्रैटिट्यूड थेरेपी (कृतज्ञता चिकित्सा) के बारे में भी जानकारी दी गई। समापन सत्र में हास्य सत्र (लाफ्टर सेशन) आयोजित किया गया, जिसके बाद विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता से अपने प्रश्न पूछे और फीडबैक साझा किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि हमारे विचार ही हमारे जीवन को दिशा देते हैं, इसलिए सकारात्मक सोच का होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान कुलसचिव डॉ. मंद्रवाल एवं मुख्य वक्ता डॉ. मधुलता नयाल को पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। नोडल अधिकारी डॉ. तिवारी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तथा राष्ट्रगान के साथ समापन किया गया। इस अवसर पर डॉ. नवीन पांडे, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. हेम जोशी, डॉ. संदीप मंडोली, डॉ. सीता, डॉ. उजमा सहित वंदना, दिशा, पिंकी दानी, कुंदन, अजय और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।