नैनीताल। हल्द्वानी पहुँचे
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शनिवार को सर्किट हाउस हल्द्वानी में जनपद नैनीताल के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विभिन्न अहम मुद्दों पर सख्त निर्देश दिए। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष, आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों, कानून व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सिंचाई तथा जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं को पूर्णतया रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए तथा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग और अलर्ट सिस्टम स्थापित किए जाएं। साथ ही ग्रामीणों को जंगल पर निर्भरता कम करने हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग व पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पर्यटन सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों को गड्ढामुक्त रखने, ट्रैफिक प्रबंधन को दुरुस्त करने तथा शटल सेवा व वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित चेकिंग अभियान चलाने और 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से तराई-भावर क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान होगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी तथा बाढ़ से भी राहत मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त व जिलाधिकारी को शीघ्र प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
विद्युत और पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल और मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




