त्यार संबंधी विशेष.. जानकारी (पंचांग आधारित) दिनांक: 14 अप्रैल 2026 वार: मंगलवार… विशेष- राजीव पांडे (खीमदा )..

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नैनीताल। धार्मिक मान्यताओं एवं पंचांग के अनुसार 14 अप्रैल 2026 का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन कई प्रमुख पर्व एवं संक्रांतियां एक साथ पड़ रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती हैं।
● तिथि: द्वादशी
● गते: 1
● विषुवत संक्रांति: इस दिन सूर्य के संक्रमण का विशेष महत्व है, जो ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है।
बैसाखी त्यार: उत्तर भारत का प्रमुख पर्व, नए सौर वर्ष और फसल कटाई का प्रतीक।
सौर वैशाख मास प्रारंभ: इस दिन से सौर पंचांग के अनुसार वैशाख माह का शुभारंभ होता है।
द्वाराहाट का बिखौती मेला आरंभ: क्षेत्रीय आस्था और परंपरा से जुड़ा प्रसिद्ध मेला शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

विशेष सूचना:

जिन राशियों के जातकों को इस संक्रांति में “बायें पैर” (अशुभ प्रभाव) की स्थिति बन रही है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे दिए गए संकेत चित्र के अनुसार किसी योग्य पुरोहित से परामर्श लेकर अपने घर या निकटतम मंदिर में विधिवत उपाय अवश्य कराएं।
धार्मिक महत्व:
यह दिन दान, स्नान, जप-तप और पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धालु इस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं और नई शुरुआत के लिए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।