नैनीताल। मॉल रोड की बदहाल स्थिति को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने को लेकर उन्होंने दावा किया कि शहर के विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, पंजाबी महासभा, नाट्य मंडली और कलाकारों समेत बड़ी संख्या में लोगों का भावनात्मक समर्थन उन्हें मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई लोग सामने आने से डर रहे हैं और यही डर अब खत्म होना चाहिए।
पुनीत टंडन ने कहा कि लोग व्यक्तिगत रूप से भले ही धरनास्थल पर नहीं पहुंच पा रहे हों, लेकिन उनका समर्थन पूरी तरह उनके साथ है। उन्होंने कहा कि “मैं इस मामले में अकेला नहीं हूं, पूरा शहर मेरे साथ है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि शहर और नैनीताल के हित में अब डर छोड़कर सामने आएं। उन्होंने कहा कि यदि शहर को बचाने के लिए कुछ चीजों की टूट-फूट भी होती है तो वह मंजूर है, लेकिन नैनीताल का हित सबसे ऊपर होना चाहिए।
धरनास्थल पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के नए अधिकारियों ने मॉल रोड को लेकर अपनी टाइमलाइन बताई। टंडन के अनुसार अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि 25 सितंबर तक पैदल आवाजाही के लिए मॉल रोड खोलने और 10 अक्टूबर तक वाहनों की आवाजाही शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, टंडन ने स्पष्ट कर दिया कि महज मौखिक आश्वासन से वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी एक शर्त है। यदि पीडब्ल्यूडी उनकी शर्त स्वीकार कर लिखित रूप में आश्वासन देता है तो वह प्रस्तावित अन्न-जल त्याग के निर्णय को फिलहाल स्थगित कर देंगे। लेकिन धरना जारी रहेगा।
टंडन ने कहा कि उनकी शर्त पीडब्ल्यूडी को शाम तक लिखित रूप में दी जाएगी। यदि सोमवार को अधिकारियों की ओर से उनकी शर्त स्वीकार करते हुए लिखित जवाब मिल जाता है तो वह परसों से प्रस्तावित अन्न-जल त्याग को आगे बढ़ा देंगे। उन्होंने साफ कहा कि इसका मतलब आंदोलन समाप्त होना नहीं होगा, बल्कि धरना लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से तहसीलदार स्तर के अधिकारी के पहुंचने पर भी टंडन ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। उनका कहना था कि उनकी शर्तें फिलहाल कड़ी हैं और इस स्तर पर बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारी से कहा कि वह उनकी बात उच्च स्तर तक पहुंचा दें।
टंडन ने कहा कि प्रशासन के सामने रखी जाने वाली अपनी शर्तों का खुलासा वह अभी नहीं करेंगे। जब प्रशासन की ओर से उचित स्तर के अधिकारी बातचीत के लिए आएंगे, तभी शर्तों पर चर्चा की जाएगी। पीडब्ल्यूडी को दी जाने वाली शर्तों को भी वह शाम तक पत्र और मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी मांगों का समाधान निकलेगा। “उम्मीद पर दुनिया टिकी है और मुझे पूरा विश्वास है कि मां मेरे पीछे हाथ रखकर मुझे संभाल रही हैं। हम मां को निराश नहीं करेंगे,” उन्होंने कहा।
मॉल रोड को लेकर टंडन के रुख से साफ है कि फिलहाल आंदोलन थमने वाला नहीं है। लिखित आश्वासन मिलने के बाद भले ही अन्न-जल त्याग का निर्णय टल जाए, लेकिन धरना जारी रखने की घोषणा ने प्रशासन के सामने चुनौती बरकरार रखी है।







