नैनीताल। तिकोनिया चौराहे पर पुलिस की सघन चेकिंग के दौरान एक युवक के फर्जी आइबी अधिकारी बनकर घूमने का मामला सामने आया है। युवक कार में लाल-नीली बत्ती और ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगाकर चल रहा था। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने खुद को आइबी अधिकारी बताते हुए आइडी कार्ड दिखाया, लेकिन पद और नियुक्ति से संबंधित जानकारी मांगने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। तलाशी लेने पर कार से फर्जी आइबी आइडी कार्ड, संबंधित दस्तावेज और पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन बरामद हुई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर वाहन सीज कर दिया है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर जनपद में बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार के पर्यवेक्षण तथा कोतवाली हल्द्वानी के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में पुलिस टीम तिकोनिया चौराहे पर चेकिंग कर रही थी।इसी दौरान काठगोदाम की ओर से हुंडई कार संख्या UP25CS 9327 आती दिखाई दी। कार पर लाल-नीली बत्ती और ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगा था। पुलिस ने कार रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपना नाम मो. मोहासिब खान (24) पुत्र मो. अयूब खान, निवासी शाहबाद गेट, मोहल्ला ईदगाह, थाना कोतवाली, जनपद रामपुर, उत्तर प्रदेश बताया।
पूछताछ में युवक ने स्वयं को आइबी अधिकारी बताया और एक आइडी कार्ड प्रस्तुत किया। पुलिस को आइडी और दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ। इसके बाद कार की तलाशी ली गई तो डैशबोर्ड से फर्जी आइबी आइडी कार्ड व इंटेलिजेंस ब्यूरो से संबंधित फर्जी कागजात मिले। इसके अलावा पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन, नीली बत्ती लगी कार और ‘भारत सरकार’ का बोर्ड भी बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने लोगों पर रौब दिखाने के लिए एयरगन अपने पास रखी थी। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि वह फर्जी पहचान और दस्तावेजों के आधार पर खुद को आइबी अधिकारी/जवान प्रदर्शित कर रहा था।मामले में कोतवाली हल्द्वानी में मु0 एफआइआर संख्या 315/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है। आरोपित को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। इस दौरान गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक कृपाल सिंह, प्रभारी चौकी भोटियापड़ाव, कांस्टेबल मो. अजहर और कांस्टेबल सुनील टम्टा शामिल रहे।

