नैनीताल की विरासत को शब्दों में सहेजने पर डॉ. गिरीश तिवारी को राजभाषा गौरव… नवी मुंबई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मिला सम्मान | देशभर के 13 लेखक सम्मानित, एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि… रिपोर्ट- (ब्यूरो ) “स्टार खबर” नैनीताल…

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नैनीताल/नवी मुंबई। नैनीताल के इतिहास और विरासत को शोधपरक लेखन के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से नवी मुंबई में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान उनकी पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए प्रदान किया गया।

इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों में देशभर से 13 लेखकों को राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया। डॉ. तिवारी उत्तराखंड से यह सम्मान प्राप्त करने वाले एकमात्र लेखक और प्रदेश के पहले पत्रकार हैं। पुरस्कार के तहत उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया।
डॉ. तिवारी की पुस्तक में नैनीताल के इतिहास, गॉथिक शैली में निर्मित राजभवन की वास्तुकला, उसके निर्माण से जुड़े पहलुओं तथा शहर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास का विस्तृत और शोधपरक वर्णन किया गया है। पुस्तक में नैनीताल की ऐतिहासिक विरासत को दस्तावेज के रूप में सहेजने का प्रयास किया गया है।
सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए हिंदी लेखन और राजभाषा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुनेत्रा पवार, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
डॉ. तिवारी के सम्मान की घोषणा पर उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जन. (सेनि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि इतिहास और विरासत को शब्दों में सहेजकर उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
पत्रकारिता और हिंदी लेखन के क्षेत्र में डॉ. तिवारी की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके दो दर्जन से अधिक शोधपत्र और एक हजार से ज्यादा लेख प्रकाशित हुए हैं। हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस स्थित भारतीय दूतावासों सहित विभिन्न देशों की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से भी सम्मान मिल चुका है।