नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार का अभियान तेज रखा है। गुरुवार को बेलवाखान, मनोरा और तल्ला चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। सचल चिकित्सा वाहन और शिविरों के माध्यम से कुल 127 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। मरीजों को जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही बीमारी से बचाव के उपाय भी बताए गए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 47 मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें छह मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती किया गया। वहीं 30 लोगों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श और काउंसलिंग दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों से उपचार के बाद स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी ली। जांच के लिए 38 लोगों के रक्त नमूने लिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र के ऐसे मरीज जो निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं, उनसे भी स्वास्थ्य विभाग लगातार संपर्क में है। संबंधित निजी अस्पतालों से समन्वय कर मरीजों की स्थिति और उपचार की जानकारी ली जा रही है। जरूरत पड़ने पर उपचार में आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सीएमओ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की निगरानी लगातार जारी है। टीमें जांच, उपचार, दवा वितरण और जागरूकता के साथ बीमारी की स्थिति पर भी नजर रख रही हैं। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने, हाथों की नियमित सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। बीमारी के लक्षण नजर आने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

