व्यवस्थाओं से नाराज़ अधिवक्ताओं का डीएम परिसर में धरना.. सीडीओ ने लिया ज्ञापन, शीघ्र सुधार का दिया आश्वासन.. रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर” नैनीताल

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नैनीताल।
राजस्व न्यायालयों सहित विभिन्न प्राधिकरणों में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं के धरने की सूचना पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद पांडेय धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया।

धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने बताया कि पूर्व में दो बार जिलाधिकारी को पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है और राजस्व न्यायालयों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि राजस्व न्यायालयों में ऐसे बाहरी व्यक्ति कार्य कर रहे हैं, जिनके पास कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा निर्धारित समय पर न्यायालयों में न बैठने की शिकायत भी सामने आई।

अधिवक्ताओं ने बताया कि पत्रावलियों में क्रमांक अंकित नहीं किए जाते, जबकि पटवारी एवं कानूनगो समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं, जिससे वादकारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के व्यवहार पर भी कड़ा एतराज जताते हुए अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त प्राधिकरण कार्यालयों में भी फाइलों को अनावश्यक रूप से अटकाए जाने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने शीघ्र व्यवस्था सुधार की मांग की। धरना स्थल पर पहुंचे सीडीओ अरविंद पांडेय ने अधिवक्ताओं की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन लेते हुए जिलाधिकारी से वार्ता कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

वहीं बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रुबाली ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो हल्द्वानी एवं रामनगर बार एसोसिएशन के साथ मिलकर 11 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके संबंध में दोनों एसोसिएशनों का लिखित समर्थन पत्र प्राप्त हो चुका है।

धरना-प्रदर्शन में बार एसोसिएशन अध्यक्ष भगवत प्रसाद, सचिव दीपक रुबाली सहित प्रताप पडियार, नीरज साह, ज्योति प्रकाश बोरा, राजेन्द्र कुमार पाठक, अखिलेश साह, एमबी सिंह, मान सिंह बिष्ट, गिरीश खोलिया, प्रमोद बहुगुणा, अरुण बिष्ट, मनोहर सिंह मेर, पुलक अग्रवाल, अनिल हर्नवाल, प्रदीप परगाई, संजय सुयाल, अशोक मौलखी, राजेन्द्र पंत, धीरेंद्र सिजवाली, ललित मोहन जोशी, हरीश भट्ट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।