हल्द्वानी गोलीकांड: पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ और पुत्र जय अदालत में पेश, हथकड़ी में दिखा कानून का शिकंजा (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”  

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हल्द्वानी गोलीकांड: पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ और पुत्र जय अदालत में पेश, हथकड़ी में दिखा कानून का शिकंजा

(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

हल्द्वानी।

शहर को झकझोर देने वाले बहुचर्चित गोलीकांड मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। 22 वर्षीय युवक नीतिन लोहनी की हत्या के आरोपी भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ ‘चिन्टू’ और उसके पुत्र जय को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच न्यायालय में पेश किया। अदालत परिसर में जब पिता-पुत्र एक साथ हथकड़ी में पेश हुए, तो यह दृश्य न सिर्फ मामले की गंभीरता को दर्शाता दिखा, बल्कि कानून की सख्ती का भी स्पष्ट संदेश देता नजर आया।

न्यायालय परिसर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। पेशी के दौरान आमजन और अधिवक्ताओं की नजरें आरोपी पिता-पुत्र पर टिकी रहीं। इस घटना के बाद से पूरे शहर में आक्रोश और चर्चाओं का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जनप्रतिनिधि ही कानून तोड़ने पर उतारू हों, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा।

गौरतलब है कि रविवार देर रात सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे फायरिंग की घटना में 22 वर्षीय नीतिन लोहनी को गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल नीतिन को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, नीतिन को गोली मारने का सीधा आरोप पार्षद अमित बिष्ट पर है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम में उसके पुत्र की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और आपसी रंजिश, पुराने विवाद और घटना के पीछे की साजिश जैसे कई पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। जांच में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नीतिन लोहनी की हत्या ने एक बार फिर हल्द्वानी की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमजन की मांग है कि मामले में त्वरित जांच कर आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि कानून को हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।