★. नए साल के जश्न पर भारी पड़ा बाघ का कहर, गुलदार ने एक और महिला को बनाया अपना निवाला  ★. जहां जश्न मना रही थी दुनिया, वहां मातम दे गया गुलदार, अल्मोड़ा के सल्ट में महिला की दर्दनाक मौत (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”  

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★. नए साल के जश्न पर भारी पड़ा बाघ का कहर, गुलदार ने एक और महिला को बनाया अपना निवाला

★. जहां जश्न मना रही थी दुनिया, वहां मातम दे गया गुलदार, अल्मोड़ा के सल्ट में महिला की दर्दनाक मौत

(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

अल्मोड़ा।

जहां एक ओर देश-प्रदेश और पूरी दुनिया नए साल के स्वागत में जश्न मना रही थी, वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र सल्ट में खुशियां मातम में बदल गईं। अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड अंतर्गत खोल्यों-टोटाम गांव में नववर्ष की रात बाघ के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को उजागर कर दिया है।

उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में बाघ और गुलदार की बढ़ती सक्रियता लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर दिन जान जोखिम में डालकर जीवन यापन करना पड़ रहा है, जबकि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर की देर रात महिला घर के पास आवश्यक कार्य से बाहर निकली थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसे जंगल की ओर घसीटते हुए ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक बाघ उसे काफी दूर ले जा चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। डर के साए में लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं और शाम ढलते ही पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर जाता है। वन विभाग और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल सर्च अभियान शुरू किया। कुछ ही देर बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की आवाजाही बनी हुई थी, जिसकी जानकारी वन विभाग को दी जाती रही, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब हमले के बाद लोगों में भय के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी है। ग्रामीणों ने इलाके में नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप लगाने, बाघ को पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित जंगलों में भेजने और पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।

इस संबंध में डीएफओ दीपक कुमार ने बताया कि क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। बाघ को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप भी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचें।