★. लोहाघाट रोडवेज बस के ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा ★. खटारा बसें सड़कों पर दौड़ाकर यात्रियों की जान से खिलवाड़, रोडवेज प्रबंधन पर गंभीर सवाल (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर” लोहाघाट (चंपावत)

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★. लोहाघाट रोडवेज बस के ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

★. खटारा बसें सड़कों पर दौड़ाकर यात्रियों की जान से खिलवाड़, रोडवेज प्रबंधन पर गंभीर सवाल

(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट बस अड्डे से महज 10 कदम चलते ही एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सवारियों से भरी लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस जैसे ही काशीपुर के लिए रवाना हुई, अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। गंभीर स्थिति में बस चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने अद्भुत सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बस को परिसर की रेलिंग तोड़ते हुए सामने की दीवार से टकरा दिया, जिससे दर्जनों यात्रियों की जान बच गई। गनीमत रही कि उस वक्त भीड़भाड़ वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, अन्यथा हादसा बेहद भयावह हो सकता था। बस में पूरी सवारी भरी हुई थी और अचानक ब्रेक फेल होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। टक्कर के बाद बस राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिरछी खड़ी हो गई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पुलिस कर्मियों ने रोडवेज परिसर के अंदर से वाहनों का संचालन कर किसी तरह यातायात सुचारू कराया।

चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने बताया कि बस की वर्कशॉप में जांच करवाई गई थी, लेकिन बस स्टार्ट करते ही प्रेशर लीक हो गया और ब्रेक काम करना बंद कर गए। हादसे के बाद यात्रियों को दूसरी बसों से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि लोहाघाट डिपो में 15 से 20 नई बसों की तत्काल जरूरत है, लेकिन सरकार द्वारा केवल दो नई बसें ही उपलब्ध कराई गई हैं। 33 बसों के बेड़े में से 11 बसें अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं, इसके बावजूद प्रबंधन खटारा बसों को सड़कों पर दौड़ा रहा है, जो यात्रियों की जान से खुला खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व लोहाघाट-देहरादून रोडवेज बस में देहरादून में आग लगने की घटना भी सामने आ चुकी है, जिसमें यात्रियों ने किसी तरह कूदकर जान बचाई थी। इसके अलावा चालक-परिचालकों द्वारा कई बार घटिया दर्जे के स्पेयर पार्ट्स लगाए जाने की शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

क्षेत्रीय जनता ने सरकार और रोडवेज प्रबंधन से लोहाघाट डिपो को तत्काल नई बसें देने और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बंद करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह हादसा ईश्वर की कृपा से टल गया, लेकिन यदि अब भी आंखें नहीं खोली गईं तो भविष्य में बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।