★. सड़क पुनर्निर्माण व लोहाखामताल पर्यटन विकास को लेकर कुमाऊं कमिश्नर से मिले ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली  ★. कौंता–स्यूड़ा–हरीशताल सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल, कमिश्नर दीपक रावत करेंगे स्थलीय निरीक्षण (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”  

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★. सड़क पुनर्निर्माण व लोहाखामताल पर्यटन विकास को लेकर कुमाऊं कमिश्नर से मिले ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली

★. कौंता–स्यूड़ा–हरीशताल सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल, कमिश्नर दीपक रावत करेंगे स्थलीय निरीक्षण

(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

हल्द्वानी/ओखलकांडा

ढोलीगांव – कुलौन सड़क मार्ग पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण , और हरीशताल कौन्ता पटरानी मोटर मार्ग एवं लोहाखामताल क्षेत्र के पर्यटन विकास हेतु निरीक्षण एवं मार्गदर्शन को लेकर कुमाऊं कमिश्नर से मिले ओखलकांडा ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधान। ओखलकांडा ब्लॉक के ढोलीगांव–कुलौन सड़क मार्ग के पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण, साथ ही हरीशताल एवं लोहाखामताल क्षेत्र के पर्यटन विकास को लेकर ओखलकांडा ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊं आयुक्त (कमिश्नर) से भेंट कर क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया।

ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ढोलीगांव–कुलौन सड़क मार्ग की स्थिति वर्तमान में अत्यंत जर्जर हो चुकी है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों तथा मरीजों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के शीघ्र पुनर्निर्माण व डामरीकरण से क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने हरीशताल एवं लोहाखामताल को पर्यटन मानचित्र पर विकसित किए जाने के लिए स्थलीय निरीक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा आवश्यक मार्गदर्शन की मांग रखी। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इन क्षेत्रों में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका योजनाबद्ध विकास होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कुमाऊं कमिश्नर ने जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही एवं प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश देते हुए शीघ्र ही स्थलीय निरीक्षण का आश्वासन दिया।

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि कौंता–स्यूड़ा–हरीशताल सड़क मार्ग लगभग 37 किलोमीटर लंबा है। उन्होंने बताया कि इस सड़क को लेकर डामरीकरण की गुणवत्ता से संबंधित कुछ गंभीर मुद्दे सामने आए हैं, जहां डामर समय से पहले उखड़ रहा है और कई स्थानों पर भूस्खलन (स्लाइड) की समस्या भी देखने को मिल रही है। कुमाऊं कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि सड़क सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलू सड़क निर्माण की गुणवत्ता है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि निर्माण कार्य में विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही हुई है, तो उसके लिए संबंधित विभाग और जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सड़क निर्माण में मानकों और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख केडी रूवाली, क्षेत्र पंचायत सदस्य तल्लाकांडा ललित कांडपाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चन्दन गोस्वामी, ग्राम प्रधान ढोलीगांव मदन जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश गोस्वामी सहित कई लोग मौजूद रहे।