उत्तराखंड में खनन व शराब उद्योग के बढ़ाने के लिए योजनाएं पर पर्यटन व्यवसाय के संवर्धन के लिए कोई नीति नही..होटल एसोसिएशन व कारोबारियों में रोष..

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उत्तराखंड में खनन व शराब उद्योग के बढ़ाने के लिए योजनाएं पर पर्यटन व्यवसाय के संवर्धन के लिए कोई नीति नही..हर साल होटल,रेस्टोरेंट व अन्य कारोबारी हो रहे प्रभावित…

सरोवर नगरी में इस वर्ष नववर्ष के स्वागत का आयोजन लगभग फीका ही रहा।जबकि होटल एसोसिएशन ने पूर्व वर्षों की भाँति मॉल रोड पर लाइटिंग् के अतिरिक्त म्यूजिक व गैस हीटर्स की भी व्यवस्था पर्यटकों के लिए सुनिश्चित की थी।पर केवल लोकल आधार धारकों को प्रवेश व बिना बुकिंग्स के आने वाले पर्यटकों का प्रवेश निषेध पुलिस प्रशासन द्वारा किया गया।जिससे स्थानीय कारोबारियों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिला।झील नगरी की क्षमता का लगभग 50% पर्यटकों को प्रवेश मिल सका।रात 11.30 बजे मौके का आँकलन किया गया तो पाया कि आगंतुकों की संख्या में भारी गिरावट है।हल्द्वानी से नैनीताल आ रहे यश ने स्टार ख़बर को बताया कि नैनीताल से 6 किलोमीटर पहले बाई पास पर उन्हें बिना बुकिंग के प्रवेश नही देने की बात पुलिस कॉन्स्टेबल ने कही।और कहा कि एस.डी.एम साहब द्वारा नैनीताल प्रवेश पर रोक लगाई गई है।जब उन्होंने नैनीताल में कारोबारी अपने भाई से उस पुलिसकर्मी की बात कराई तो उसने अपनी असमर्थता जता दी।जबकि उस समय सड़कें पूरी तरह से खाली पड़ी हुई थी।

होटल एसोसिएशन नैनीताल व प्रदेश जी.एस.टी प्रभारी ने प्रशासन पर पर्यटन उद्योग को समर्थन न दिए जाने का लगाया आरोप..संबंध में मुख्यमंत्री को लिखेंगे पत्र…

नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने स्टार ख़बर को बताया कि नैनीताल पुलिस के हैंडल से ट्रैफिक डायवर्जन पर खबरें सुस्पष्ट प्रचारित नही हो पाई।और प्रशासन के साथ जो मामले तय किये गए थे उस पर कोई अमल नही किया गया।जैसे मीटिंग में यह तय हुआ था कि बिना बुकिंग्स वाले पर्यटकों के बीच एक व्यक्ति का पहले झील नगरी में प्रवेश सुनिश्चित करना होगा ताकि वो कमरों की उपलब्धता तलाश सके।उन्होंने कहा कि आज भी नैनीताल आने वाले 70% पर्यटकों के पास एडवांस बुकिंग नही होती।जिसे पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी तरह से रोक दिया गया।दिग्विजय बिष्ट ने कहा कि मॉल रोड पर स्थित होटल्स में भी ऑक्यूपेंसी 50% के आसपास रही।व्यापारी नेता व प्रदेश जी.एस.टी प्रभारी डॉ. प्रमोद अग्रवाल गोल्डी ने स्टार ख़बर से कहा कि राज्य सरकार को खनन व शराब के अतिरिक्त पर्यटन उद्योग को भी आगे बढ़ाए जाने के लिए काम करना चाहिए।जबकि नैनीताल में एंट्री शुल्क,भारी पार्किंग शुल्क व अब ग्रीन सेस लगाकर पर्यटन की कमर तोड़ी जा रही है।उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने की बात तो प्रधानमंत्री मोदी भी करते है पर मुख्यमंत्री स्तर से इसमें कोई बड़ा काम नही किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गोल्डी संबंध में मुख्यमंत्री उत्तराखंड को पत्र भी लिखेंगे।क्योंकि साल दर साल प्रशासन की बेरुखी के चलते झील नगरी से पर्यटन व्यवसाय चौपट होता चला जा रहा है।माँ नयना देवी व्यापार मंडल नैनीताल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने भी राज्य सरकार से गुहार की है कि प्रदेश में ऐसी पर्यटन नीति शीघ्र बनाई जाए जिसमें स्थानीय बेरोजगारों, टैक्सी चालकों,नाव वालों सहित सभी स्थानीय होटल व अन्य कारोबारियों को अधिकाधिक लाभ मिल सके।