माघ मास के पारंपरिक पर्व एवं लोकाचारों की विशेष जानकारी..
विशेष- राजीव पांडे(खीमदा)..
माघ मासांत (माह का अंतिम दिन) दिनांक 13 जनवरी 2026 को सरयू–गंगा पार के लोगों द्वारा परंपरागत लोकपक्वान घुघूतै/खजुरै बनाए जाएंगे तथा लोहड़ी पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
इसके उपरांत मकर संक्रांति के अवसर पर दिनांक 14 जनवरी 2026 को कौओं को अन्न खिलाया जाएगा, जो कि लोकपरंपरा के अनुसार पितरों की स्मृति और तर्पण का प्रतीक माना जाता है।
इसी प्रकार 14 जनवरी 2026 को सरयू–गंगा इस पार के लोग (हमारी ओर के निवासी) घुघूतै/खजुरै बनाएंगे तथा 15 जनवरी 2026 को कौओं को अन्न का दान एवं भोजन कराया जाएगा।
साथ ही, पवित्र षट्तिला एकादशी का व्रत भी 14 जनवरी 2026 को ही रखा जाएगा।
माघ मास की पारंपरिक चावल की खिचड़ी का दान एकादशी तिथि होने के कारण अगले दिन किया जाएगा। यदि अत्यंत आवश्यक हो तो एकादशी के दिन साबूदाने की खिचड़ी का दान किया जा सकता है।
इन सभी पर्वों का उद्देश्य दान, सेवा, पूर्वजों का स्मरण एवं लोक परंपराओं का संरक्षण है। माघ मास के इन पावन अवसरों पर सभी से आग्रह है कि वे श्रद्धा, सत्कार और सद्भाव के साथ पर्व मनाते हुए लोक संस्कृति के संरक्षण में सहभागी बनें।







