★. अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों का दुस्साहस डीएम की फोटो लगाकर व्हाट्सएप पर बनाई फर्जी आईडी, एफआईआर दर्ज ★. विदेशी नंबर से अधिकारियों को मैसेज, डीएम के नाम पर ठगी का प्रयास (चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”  

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★. अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों का दुस्साहस डीएम की फोटो लगाकर व्हाट्सएप पर बनाई फर्जी आईडी, एफआईआर दर्ज

★. विदेशी नंबर से अधिकारियों को मैसेज, डीएम के नाम पर ठगी का प्रयास

(चन्दन सिंह बिष्ट) “स्टार खबर”

चम्पावत। अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार की फोटो का दुरुपयोग करते हुए व्हाट्सएप पर फर्जी आईडी बना ली। इस फेक आईडी से जिले के अधिकारियों को अंग्रेजी भाषा में संदेश भेजकर हालचाल पूछे जा रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

बुधवार को वियतनाम के मोबाइल नंबर +84 564261676 से चम्पावत जिले के कई अधिकारियों को व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुए। संदेश देखने पर प्रोफाइल फोटो में जिलाधिकारी मनीष कुमार की तस्वीर लगी हुई थी। विदेशी नंबर होने पर अधिकारियों को संदेह हुआ।

वन विभाग के एसडीओ सुनील कुमार को भी इसी नंबर से “हैलो” का संदेश आया। संदेह होने पर उन्होंने तत्काल डीआईओ धीरज कार्की को इसकी सूचना दी, जिसके बाद उक्त नंबर को ब्लॉक कर दिया गया। डीआईओ ने पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल सभी अधिकारियों और आम लोगों से ऐसे किसी भी संदेश को नजरअंदाज करने की अपील की। साथ ही फर्जी व्हाट्सएप खाते का स्क्रीनशॉट अपने स्टेटस पर साझा कर लोगों को सतर्क किया।

थानाध्यक्ष बीएस बिष्ट ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2024 में भी तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत पांडेय की फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर अधिकारियों से धनराशि मांगने का प्रयास किया गया था। वहीं कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के नाम से भी फर्जी आईडी बनाकर उनके परिचितों से पैसे ठगे गए थे, जिसमें कुछ लोग ठगी का शिकार भी हुए थे।