डीएसबी परिसर में प्राध्यापकों की बैठक, विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की उठी मांग कुलाधिपति, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजा गया ज्ञापन, आंदोलन जारी रखने का ऐलान… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। डीएसबी परिसर में आज प्राध्यापकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बनाए रखने की पुरजोर अपील की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि प्राध्यापकों की उपस्थिति विश्वविद्यालय एक्ट एवं परिनियमावली के अनुसार ही सुनिश्चित की जानी चाहिए।बैठक में उपस्थित प्राध्यापकों ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमेशा राज्यहित, पर्यावरण संरक्षण तथा शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। ऐसे में विश्वविद्यालय की आत्मा और उसकी अकादमिक स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का ऐसा निर्णय, जो विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को प्रभावित करे, उचित नहीं होगा।प्राध्यापकों ने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में कुलाधिपति, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए गए हैं, ताकि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पूर्ववत बनी रहे। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि सभी प्राध्यापक शीघ्र ही कुलपति से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।

बैठक में यह भी कहा गया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं है, ऐसे में राज्य विश्वविद्यालयों में इस प्रकार की व्यवस्था लागू करना तर्कसंगत नहीं है। प्राध्यापकों ने चेतावनी दी कि यदि स्वायत्तता पर किसी प्रकार का आघात हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा।बैठक में प्रो. एल.एम. जोशी, प्रो. एम.सी. जोशी, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. मधुरेंद्र कुमार, प्रो. हरीश बिष्ट, प्रो. जया तिवारी, प्रो. सूची बिष्ट, प्रो. बिमल, प्रो. सीमा, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. लता पांडे, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. अनिल बिष्ट, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. कुबेर गिनती, प्रो. संजय टम्टा सहित अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे।