नैनीताल।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर के 58 पदों हेतु जारी विज्ञप्ति में आरक्षण नियमावली का पालन न किए जाने के आरोप को लेकर शुक्रवार को शिल्पकार सभा नैनीताल का एक शिष्टमंडल उपजिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से महामहिम राज्यपाल एवं माननीय उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
सभा के पदाधिकारियों ने अवगत कराया कि विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञप्ति संख्या 01/टीचिंग Rec/4039/कार्मिक/2026 दिनांक 10/02/2026 (उल्लिखित) के तहत 58 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विज्ञप्ति के अवलोकन में पाया गया कि इन पदों में से अनुसूचित जाति के लिए मात्र 01 पद आरक्षित किया गया है, जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
ज्ञापन में कहा गया है कि नियमानुसार सीधी भर्ती के पदों में अनुसूचित जाति हेतु 19 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति हेतु 4 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु 14 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है। 58 पदों के सापेक्ष यह प्रतिशत अधिक संख्या में आरक्षित पदों का प्रावधान करता है। ऐसे में केवल एक पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया जाना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
सभा के अध्यक्ष रमेश चंद्रा ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा आरक्षण नियमावली का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण आज भी हजारों पद बैकलॉग के रूप में रिक्त पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन उक्त विज्ञप्ति की पुनः समीक्षा कर नियमानुसार आरक्षण रोस्टर लागू करते हुए संशोधित अथवा नई विज्ञप्ति जारी करे, ताकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सामाजिक न्याय एवं समान अवसर सुनिश्चित हो सके।
आज के शिष्टमंडल में अध्यक्ष रमेश चंद्रा, महामंत्री राजेश लाल, लेखापरीक्षक संजय कुमार, विधि सलाहकार मनोज कुमार, पूर्व अध्यक्ष संजय कुमार ‘संजू’, एन.आर. आर्य, पी.आर. आर्य, अधिवक्ता प्रमोद कुमार, अधिवक्ता गंगा प्रसाद, अनिल कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
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