पिथौरागढ़। मदकोट सीमांत क्षेत्र मदकोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदकोट में रविवार को इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध न होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को अस्पताल बंद रहने के कारण अचानक बीमार हुए मरीजों को करीब 22 किलोमीटर दूर मुनस्यारी स्थित स्वास्थ्य केंद्र की ओर जाना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां पहले ही स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में यदि रविवार को भी अस्पताल पूरी तरह बंद रहता है और इमरजेंसी में कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं होता, तो मरीजों की जान पर बन आती है। विशेषकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को तत्काल चिकित्सा सुविधा न मिलने से जोखिम बढ़ जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को एक-दो आपात स्थिति के मामले सामने आए, लेकिन अस्पताल में ताला लटका मिला। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन या अन्य साधनों से मरीजों को मुनस्यारी ले जाना पड़ा। पहाड़ी मार्ग और लंबी दूरी के कारण समय पर उपचार मिलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मदकोट में रविवार सहित प्रत्येक दिन कम से कम इमरजेंसी सेवाएं अनिवार्य रूप से संचालित की जाएं। उनका कहना है कि अस्पताल भले ही नियमित ओपीडी के लिए बंद रहे, लेकिन आपातकालीन मामलों के लिए डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उच्च स्तर पर आवाज उठाएंगे। उन्होंने प्रशासन से जनहित को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।







