नैनीताल। आज 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान का विशेष फल मिलता है।

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देने लगता है, जिसे आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।

एरीज द्वारा इस खगोलीय घटना का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से ग्रहण का अवलोकन कर सकें। इसके अलावा एरीज परिसर में आने वाले खगोल प्रेमियों और आम नागरिकों के लिए विशेष दूरबीनों एवं अन्य वैज्ञानिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है और यह पूरी तरह सुरक्षित होता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के चलते कई लोग ग्रहण काल में खान-पान से परहेज रखते हैं और स्नान-दान का विशेष महत्व मानते हैं।
साल के पहले चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है और मौसम अनुकूल रहने पर यह खगोलीय नजारा साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।







