नैनीताल। डीएसबी परिसर में आज एंटी ड्रग रैली एवं जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रोफेसर दीवान एस रावत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ जीवन के लिए जहर समान हैं और ड्रग्स इंसान के लिए अभिशाप हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।
रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह रैली डीएसडब्ल्यू कार्यालय से शुरू होकर न्यू आर्ट्स, ओल्ड आर्ट्स और जूलॉजी विभाग होते हुए आर्ट्स ऑडिटोरियम तक पहुंची। पूरे परिसर में “नशा छोड़ो जीवन जोड़ो”, “नशे को ना, जिंदगी को हां”, “नशा हटाओ, भविष्य बचाओ”, “नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में अतिथि कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय जोशी, एसओ तल्लीताल मनोज नयाल, डीएसडब्ल्यू डॉ संजय पंत एवं प्रॉक्टर डॉ हरीश बिष्ट ने दीप प्रज्वलन कर व्याख्यान सत्र का शुभारंभ किया। अतिथियों का शॉल, पुष्पगुच्छ एवं भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर सम्मान किया गया।
कर्नल अजय जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि नशे से दूर रहने के लिए आत्म-जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने मानसिक और शारीरिक ऊर्जा स्तर को बनाए रखने की प्रेरणा दी। वहीं एसओ मनोज नयाल ने कहा कि नशे की आदत व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर देती है और जीने की कला को खत्म कर देती है।
डीएसडब्ल्यू डॉ संजय पंत ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एंटी ड्रग कार्यक्रम यूजीसी के निर्देशानुसार आयोजित किए जा रहे हैं और विद्यार्थियों को इससे सतर्क रहना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रोफेसर ललित तिवारी ने बताया कि नशे के कारण प्रतिवर्ष हजारों लोगों की मृत्यु होती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का गठन किया गया है तथा 26 जून को मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मादक पदार्थ मस्तिष्क को कमजोर करते हैं, तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं और मानसिक अस्थिरता, व्यवहार में बदलाव तथा स्मरण शक्ति में कमी लाते हैं। इसलिए “नशे को ना, जीवन को हां” का संदेश अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में डॉ गगन होती, डॉ गीता तिवारी, डॉ चंद्रकला रावत, डॉ शिवांगी, डॉ दीपिका पंत, डॉ नवीन पांडे, डॉ सुषमा टम्टा, डॉ नीलू, डॉ रीना सिंह, डॉ हिमांशु लोहनी, डॉ नंदन बिष्ट, डॉ भावना, डॉ मथुरा, रौतेला सहित अनेक प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




