नैनीताल। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोअर माल रोड के सिंकिंग जोन के पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में तकनीकी बदलाव और अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के चलते निर्धारित समय से अधिक समय लग रहा है। लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि माइक्रोपाइलिंग और आरसीसी स्लैब का कार्य पूरा कर 10 अक्टूबर तक लोअर माल रोड को यातायात के लिए खोलने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
वर्ष 2018 में नैनीताल की लोअर माल रोड का एक हिस्सा भू-धंसाव के चलते नैनी झील में समा गया था। इसके बाद प्रभावित करीब 40 मीटर हिस्से के सुधारीकरण और झील की ओर हो रहे भू-धंसाव को रोकने के लिए आगणन तैयार किया गया। शासनादेश के तहत इस कार्य के लिए एसडीएमएफ मद से 348.01 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। कार्य के लिए सात बार ई-निविदा आमंत्रित की गई, जिसके बाद सातवीं निविदा में प्राप्त चार प्रस्तावों में न्यूनतम दर देने वाली फर्म मैसर्स स्टारकॉन इन्फ्रा प्रोजेक्ट को कार्य आवंटित किया गया। इसके लिए 25 अप्रैल 2025 को 345.99 लाख रुपये का अनुबंध गठित किया गया।लोअर माल रोड के सिंकिंग जोन के पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य 22 सितंबर 2025 से शुरू हुआ था। इसे नौ माह में यानी 21 जून 2026 तक पूरा किया जाना था। मूल डिजाइन के अनुसार करीब 40 मीटर हिस्से में माइक्रोपाइल और आरसीसी स्लैब के माध्यम से कार्य किया जाना था। विभाग के अनुसार अनुबंध के तहत प्रस्तावित 122 एसडीआरए सीमेंट ग्राउटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि माइक्रोपाइल ड्रिलिंग का काम जारी है।
विभाग के अनुसार 14 सितंबर 2025 को पहले से प्रभावित हिस्से के अतिरिक्त करीब 30 मीटर सड़क और क्षतिग्रस्त हो गई। जनसुरक्षा और मार्ग की सुरक्षा को देखते हुए सड़क बंद करना आवश्यक हो गया। इसके बाद ही 22 सितंबर से वास्तविक रूप से पुनर्स्थापन एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू किया जा सका।
प्रारंभ में करीब 350 मिमी माइक्रोपाइल ड्रिलिंग का काम शुरू किया गया था। हालांकि, स्थल की वास्तविक भू-तकनीकी परिस्थितियों को देखते हुए कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए मामला THDC के समक्ष तकनीकी परीक्षण एवं पुनः डिजाइन के लिए भेजा गया। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को संशोधित डिजाइन उपलब्ध कराया गया।
संशोधित डिजाइन में 300 मिमी माइक्रोपाइल की ड्रिलिंग ODEX पद्धति से करने का निर्णय लिया गया। इसके चलते मशीनरी और निर्माण सामग्री में भी बदलाव करना पड़ा। नए डिजाइन में माइक्रोपाइल की संख्या 42 से बढ़ाकर 51 कर दी गई, जिससे कार्य का दायरा और जटिलता दोनों बढ़ गए।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार कार्य में देरी मुख्य रूप से तकनीकी परिस्थितियों, डिजाइन में बदलाव और अतिरिक्त कार्यक्षेत्र के कारण हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय तकनीकी परिषद (THDC) के परामर्श के आधार पर लिए गए हैं। जुलाई और अगस्त में कांवड़ यात्रा के चलते केसिंग पाइप सहित अन्य सामग्री लाने में भी कुछ दिनों का अतिरिक्त समय लगा।अधीक्षण अभियंता द्वितीय वृत्त, लोक निर्माण विभाग नैनीताल ई. राजेश कुमार पंत ने बताया कि वर्तमान में कार्य प्रगति पर है। ठेकेदार के वर्क प्रोग्राम के अनुसार पहले माइक्रोपाइलिंग और उसके बाद आरसीसी स्लैब की कास्टिंग पूरी की जाएगी। विभाग का लक्ष्य 10 अक्टूबर तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने का है। हालांकि, कार्य के दौरान किसी तकनीकी समस्या के सामने आने पर THDC से परामर्श लिया जाएगा, जिससे निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
विभाग ने यह भी कहा है कि प्रस्तावित मां नैना देवी के डोले को देखते हुए आस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर 23 सितंबर 2026 से पहले लोअर माल रोड के प्रभावित हिस्से को सुरक्षित उपायों के साथ सीमित पैदल यात्रियों के लिए खोलने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में समयानुसार संबंधित पक्षों को जानकारी दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग ने व्यापारियों एवं आंदोलन कर रहे लोगों से कार्य की विशिष्ट तकनीकी प्रकृति को देखते हुए धरना समाप्त कर राजकीय कार्यों में सहयोग करने की अपील की है। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी नैनीताल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल, श्री राम सेवक सभा मल्लीताल तथा मां नयना देवी मंदिर अमर उदय ट्रस्ट को भी भेजी गई है।







