नैनीताल। उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं में रक्षाबंधन का पर्व ‘जनै पूण्यु’ के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धालु वर्षभर धारण की जाने वाली जनेऊ की विधिवत प्रतिष्ठा कर पुरानी जनेऊ को बदलकर नई जनेऊ धारण करते हैं। पहाड़ की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा यह पर्व आज भी पूरे विधि-विधान और आस्था के साथ मनाया जाता है।

जनेऊ परिवर्तन का शुभ समय: पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहने के कारण जनेऊ परिवर्तन की परंपरा इससे पूर्व पूर्ण कर लेना उचित माना गया है।
वहीं रक्षाबंधन का पर्व सुबह से दिन में किसी भी समय बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर मना सकती हैं। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।
जनै पूण्यु और रक्षाबंधन की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।

