नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और प्रभावित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र में लगाए गए विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में 390 लोगों की जांच की गई। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ज्योलिकोट में 81 लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ 50 ब्लड सैंपल लिए गए।
उपचार की आवश्यकता वाले पांच मरीजों को भर्ती किया गया।शनिवार को अपर जिलाधिकारी सौरव असवाल, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, नैनीताल विधायक सरिता आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने पीएचसी ज्योलिकोट का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में दवाइयां, बेड, ब्लड सैंपलिंग और जांच सामग्री समेत उपचार संबंधी व्यवस्थाएं पर्याप्त पाई गईं। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को उपचार में परेशानी न हो और प्रभावित लोगों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि क्षेत्र में लगातार स्क्रीनिंग, उपचार और काउंसलिंग की जा रही है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और पानी को उबालकर पीने की अपील की।जलजनित रोगों से प्रभावित मरीजों के लिए 13 सितंबर को पीएचसी ज्योलिकोट में विशेष विशेषज्ञ ओपीडी आयोजित होगी। चंदन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल हल्द्वानी के वरिष्ठ एमडी फिजीशियन डॉ. हिमांशु कुमार और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धांत मेहता सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक मरीजों को परामर्श देंगे। वहीं सेंट्रल हॉस्पिटल हल्द्वानी के डॉ. सचिन चक्रवर्ती दोपहर एक से तीन बजे तक विशेषज्ञज सेवाएं देंगे। 
इससे पहले 12 सितंबर को सिटी हॉस्पिटल हल्द्वानी के डॉ. जगदीश भंडारी और उनकी टीम ने पीएचसी में विशेषज्ञ ओपीडी संचालित की। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रवासियों से विशेषज्ञ ओपीडी का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

