कैंचीधाम में अब बिना बुकिंग पहुंचना हो सकता है मुश्किल.. भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन तैयार कर रहा नया प्लान… रिपोर्ट- (सुनील भारती) ‘स्टार खबर’ नैनीताल

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नैनीताल। कैंचीधाम में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब प्रवेश व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है। आने वाले दिनों में भीड़भाड़ वाले सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर कैंचीधाम पहुंचने के लिए पर्यटकों को पहले से बुकिंग या पंजीकरण कराना पड़ सकता है। बिना बुकिंग आने वाले निजी वाहनों को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर भी मंथन शुरू हो गया है।पिछले सप्ताह कैंचीधाम में उमड़ी भारी भीड़ के बाद कुमाऊं मंडलायुक्त ने टैक्सी, होटल, व्यापार और अन्य संबंधित स्टेकहोल्डरों के साथ बैठक कर यातायात और भीड़ प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कैंचीधाम के लिए पंजीकरण व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी। इसके लिए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता कैंचीधाम में भीड़ नियंत्रित करने के साथ ही हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाईवे पर यातायात को सुचारु रखना है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए। कैंचीधाम के आसपास अलग-अलग मार्गों से यातायात संचालन और भीड़ को नियंत्रित करने की योजना तैयार की जाएगी।

●सप्ताहांत से पहले शटल सेवा पर फैसला..

वीकेंड से पहले संबंधित सीओ और एसडीएम को बैठक कर शटल सेवा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार वाहनों को निर्धारित स्थानों पर रोककर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शटल से कैंचीधाम पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती है।
पिछले सप्ताह कैंचीधाम में एक दिन में करीब 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी। पुलिस का आकलन है कि करीब 20 से 25 हजार तक की भीड़ का प्रबंधन मौजूदा संसाधनों से किया जा सकता है। ऐसे में पंजीकरण और बुकिंग व्यवस्था को भीड़ नियंत्रण के अहम उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

●ओवररेटिंग पर कार्रवाई, रेट लिस्ट लगाना जरूरी..

कैंचीधाम क्षेत्र में पर्यटकों से मनमानी वसूली रोकने के लिए भी प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। दुकानदारों और होटल संचालकों को निर्धारित दरों की सूची प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी। ओवररेटिंग की शिकायत मिलने पर जांच और कार्रवाई की जाएगी। नियमों की गंभीर अवहेलना करने वालों के लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।कैंचीधाम क्षेत्र में शिप्रा नदी में नहाने पर रोक लगाई गई है। वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा के साथ नदी क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना भी है।फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए जिलास्तर पर कार्ययोजना तैयार की जानी है। इसके बाद शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि बैठक में तय बिंदुओं को कितनी तेजी से धरातल पर उतारा जाता है।