नैनीताल। वन्य प्राणी सप्ताह के तहत सोमवार को नैनीताल वन प्रभाग की ओर से विद्यार्थियों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। पांचवें दिन अयारपाटा स्थित अयार जंगल कैंप से टिफिन टॉप तक नेचर वॉक कराई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने जंगल की जैव विविधता को करीब से जाना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लिया।
प्राणी उद्यान निदेशक एवं नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ आकाश गंगवार के निर्देशन में आयोजित नेचर वॉक के दौरान बर्ड वाचर जगजीवन सिंह धामी ने टिफिन टॉप क्षेत्र में पाए जाने वाले पक्षियों और जैव विविधता के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। बायोलॉजिस्ट अनुज कांडपाल ने नेचर बिंगो गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के विभिन्न घटकों को पहचानने और समझने का तरीका बताया।
क्लीन नैनीताल के सदस्यों ने विद्यार्थियों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव, कूड़े के पृथक्करण और पुन: उपयोग योग्य सामग्री अपनाने के बारे में जागरूक किया। नेचर वॉक में करीब 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों के कक्षा तीन से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता कराई गई। जूनियर वर्ग में ‘खुशहाल और हरे-भरे जंगल’, मध्य वर्ग में ‘प्रकृति और हमारा सह-अस्तित्व’ तथा वरिष्ठ वर्ग में ‘नदी और जंगल, वन्यजीवों की जीवन रेखा’ विषय पर विद्यार्थियों ने चित्र बनाए।
कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। इसमें वन्यजीवों के आवास, बाघ संरक्षण, वन्यजीव मित्र बनने, औषधीय पौधों और पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक संरक्षण विज्ञान जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। प्रतियोगिताओं में विभिन्न विद्यालयों के कुल 145 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
वन्य प्राणी सप्ताह के दौरान नैनीताल वन प्रभाग के विभिन्न विद्यालयों के 205 विद्यार्थियों को प्राणी उद्यान का निश्शुल्क भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम का संचालन हिमालयन बोटैनिकल गार्डन की बोटनिस्ट डॉ. रजनी रावत ने किया। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी आनंद लाल समेत वन विभाग, प्राणी उद्यान और विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं व विद्यार्थी मौजूद रहे।





