नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के क्लेमेंट टाउन स्थित भारूवाला क्षेत्र में नाले और उसके आसपास हुए अतिक्रमण के मामले में जिलाधिकारी देहरादून को छह माह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि जिलाधिकारी जनहित याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर विधि के अनुसार निर्णय लें। इस दौरान अतिक्रमण के आरोपों से प्रभावित लोगों का पक्ष भी सुना जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जनहित याचिका निस्तारित कर दी।मामले के अनुसार, क्लेमेंट टाउन निवासी संजय कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि भारूवाला क्षेत्र से होकर एक नाला गुजरता है, जो आगे चलकर बिंदाल नदी में मिलता है। याचिकाकर्ता के अनुसार, यह क्षेत्र कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आता है। नाले और उसके आसपास कई लोगों ने अतिक्रमण कर उसे पाट दिया है। इससे नाले के प्राकृतिक बहाव में बाधा उत्पन्न होने और बारिश के दौरान क्षेत्र में जलभराव व बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका है
याचिकाकर्ता ने नाले पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग करते हुए बताया कि इस संबंध में 12 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी, कैंटोनमेंट बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों को प्रत्यावेदन दिया गया था। हालांकि, याचिका के अनुसार, प्रत्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण लेते हुए नाले को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्धारित छह माह की अवधि में प्रत्यावेदन पर विधि के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में अतिक्रमण के आरोपों से प्रभावित लोगों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। इन निर्देशों के साथ अदालत ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।







