हरेला पर्व” संस्कृति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी निभाता है..अहम भूमिका…

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हरियाली पर्व पर आप भी लगाएं एक पौधा…वन प्रभाग हल्द्वानी कर रहा है इस संस्कृति से जुड़े पर्व पर वृक्षारोपण…

उत्तराखंड में “हरेला पर्व” का बहुत महत्त्व है।हरियाली का प्रतीक हरेला लोकपर्व न सिर्फ एक त्यौहार है। बल्कि एक ऐसा अभियान है.. जिससे जुड़कर तमाम प्रदेशवासी बरसों से संस्कृति और पर्यावरण दोनों को संरक्षित करते आ रहे हैं। इसी क्रम में सभी निजी संस्थान व वन विभाग सरीखे सरकारी महकमें हरित क्रांति के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाते रहते हैं…

हल्द्वानी वन प्रभाग में “हरेला पर्व” के तहत किया गया वृक्षारोपण…

आज हल्द्वानी वन प्रभाग कार्यालय परिसर में हरेला महोत्स्व के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री बाबू लाल जी, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी वन प्रभाग रहे। हल्द्वानी वन प्रभाग द्वारा तिकोनिया वन कार्यालय परिसर में यहाँ पार्कों एवं आवासीय परिसर में फल, फूल एवं औषधियों के अनेकों प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया।

वन प्रभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किया गया वृक्षारोपण…

उक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम में हल्द्वानी वन प्रभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी पौधों का रोपण किया गया। जिसमें श्रीमती रोशनी आर्या मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, अनिल कपिल प्र0अ0, रमेश सिंह नेगी प्र0अ0, मनोज पाण्डे, हिमांशु पाठक, रेनु आर्या, रोहित गुप्ता, विपिन मसीह, मयंक धपोला, उमाशंकर, सुनील कुमार सहित समस्त कार्मिकों द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सहयोग किया गया।

हरेला पर्व” संस्कृति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी निभाता है..अहम भूमिका…

उत्तराखंड की संस्कृति में आमजन को जोड़ने वाला “हरेला पर्व” संस्कृति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाता है।पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले संगठन और समाजसेवी इस त्योहार को बड़ी धूमधाम के साथ मनाते तो हैं ही साथ ही पौध लगाने के लिए आमजन को प्रेरित भी करते हैं। वृक्षारोपण करने और पेड़-पौधों को सुरक्षित बड़ा करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाता है।

 

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