हल्द्वानी रेलवे की जमीन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू…..डीएम ने कहा रेलवे की मांग का इंतजार….रेलवे कहे तो शुरू कर देंगे कार्रवाई.. फोर्स समेत सभी के लिए तैयार है जिला प्रशासन

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नैनीताल से संजय नागपाल की रिपोर्ट

नैनीताल – हल्द्वानी में रेलवे की जमीन को खाली करने की तैयारियां शुरु हो गई हैं। हाईकोर्ट से अतिक्रमणकारियों को राहत नहीं मिलने के बाद डीएम नैनीताल ने अतिक्रमण हटाने के लिये पूरी तैयारी होने की बात कही है। डीएम धीराज गर्ब्याल ने कहा कि रेलवे ने ही सब कुछ करना है जिस दिन से डिमांड़ करेंगे उस दिन से फोर्स और जमीन दे देंगे साथ ही जो सुविधाएं देनी है उसका भी मुल्यांकन कर लिया है..डीएम नैनीताल धीराज गर्ब्याल ने कहा कि जब अतिक्रमण हटाना है तो उससे 15 दिन पहले वो जनाकारी देंगे जिसके बाद कार्रवाई शुरु कर दी जायेगी। उधर रेलवे के वकील गोपाल के वर्मा ने पहले ही साफ कर दिया है कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिये स्वतंत्र है और कोर्ट से भी अतिक्रमकारियों को कोई राहत नहीं है ऐसे में चाहे तो जिला प्रशासन रेलवे की जमीन को खाली करा सकता है।

ये था मामला….क्या हुआ अब तक

दरअसल 9 नवम्बर 2016 को हाईकोर्ट ने रविशंकर जोशी की याचिका पर 10 हफ्तों में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था..हांलाकि इस आदेश के खिलाफ सरकार और अतिक्रमणकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की सुप्रीम कोर्ट ने तीन महिने की राहत देते हुए हाईकोर्ट में अपनी बात रखने को कहा इसी बीच एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान रेलवे ने कोर्ट को बताया कि सभी 4365 अतिक्रमणकारियों यानि 50 हाजर की आबादी को नोटिस दिये हैं और मुकदमों का निस्तारण किया गया है 6 मार्च 2017 को हाईकोर्ट ने पीपी एक्ट में कार्रवाई की छूट देते हुए सभी प्रार्थना पत्रों को भी खारिज कर दिया । इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होने पर रवि शंकर जोशी ने फिर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की है ताकि रेलवे सुविधाओं को विस्तार किया जा सके..साथ ही अतिक्रमण के लिये जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी माग कोर्ट से की गई है हांलाकि इस याचिका पर कोर्ट में फैसला आना बांकि है तो नई याचिकाओं पर फैसले से पहले कोर्ट ने सुनवाई से इंकार कर दिया है।