अब कोई भूखा नही सोएगा..बहुत कम मूल्यों में किन्नर समुदाय ने शुरू की “अन्नपूर्णा” रसोई…

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किन्नरों ने शुरू की अन्नपूर्णा रसोई..एक सप्ताह में ही रसोई का आ रहा बेहतर रेस्पॉन्स…

खुद बधाई मांग कर जीवन गुजर बसर करने वाला किन्नर समाज ने मुंबई के पास कल्याण में एक ऐसी रसोई की शुरुआत की है। जहां सिर्फ एक रुपए में नाश्ता और दस रुपए में भरपेट भोजन दिया जाता है। कल्याण रेलवे स्टेशन के पास चल रहे इस भोजनालय में रोजाना लगभग 500 जरूरतमंद कामगार व गरीब लोग अपने पेट भर कर किन्नर समाज को धन्यवाद कर रहे हैं।

हज़ारों किन्नरों के संगठन “ख्वाहिश फाउंडेशन” ने की इस अनूठी योजना की शुरुआत…

आपको बता दें कि 5,000 से अधिक किन्नरों के संगठन ख्वाहिश फाउंडेशन ने कल्याण रेलवे स्टेशन के पास जरूरतमंदों के लिए एक रसोई घर शुरू की है। 7 सितंबर से शुरू इस भोजनालय में फिलहाल यहां करीब पांच सौ लोग भोजन ग्रहण कर रहे हैं।स्थानीय गरीबों के लिए यह रसोई किसी अन्नपूर्णा से कम नहीं है।

ख्वाहिश फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह “अम्मा”ने कहा कि बहुत कम धनराशि में मिलेगा गरीब को खाना..कोई भूखा नही सोएगा…

ख्वाहिश फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह ने इस अनूठी पहल को शुरू करने के पीछे भूखों को भरपेट भोजन वो भी बिल्कुल सस्ते में योजना की। पूनम सिंह ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर इस रसोई का रिस्पॉन्स बहुत अच्छा आ रहा है। अब यहां एक दिन में 500 से अधिक लोग आ रहे हैं। जो लोग खाना खाने आते हैं, उनमें उक्त रसोई स्थल के पास स्थित नागरिक-संचालित रुक्मिणीबाई अस्पताल में भर्ती मरीजों के रिश्तेदार भी शामिल हैं।जिन्हें कम मूल्यों में भरपेट भोजन मिल रहा है।और लोग इस समाज को दिल से दुवाएँ दे रहे हैं।

ठाणे के जिला कलेक्टर राजेश नार्वेकर ने भी पिछले सप्ताह रसोई का उद्घाटन करते हुए किन्नरों के समूह की प्रशंसा की…

देश के पहले किन्नर संगीत बैंड की सदस्य कोमल पाटिल भी ख्वाहिश फाउंडेशन से भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने देश भर में कई किन्नर समूहों के साथ काम किया है, लेकिन “अम्मा” जिस तरह जरूरतमंदों को न्यूनतम लागत पर भोजन उपलब्ध कराती हैं यह बहुत ही प्रशंसनीय है। ठाणे के जिला कलेक्टर राजेश नार्वेकर ने भी पिछले सप्ताह रसोई का उद्घाटन करते हुए किन्नरों के समूह की प्रशंसा की थी।