ये तो हद हो गई….डीएम और कमिश्नर भी नहीं खुलवा पाए गेट का ताला…अब हाईकोर्ट जाकर जनता का खुला रास्ता…मरीजों को हो रही थी खासी परेशानी.

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नैनीताल – नैनीताल जिला अस्पताल के जिस गेट को कमिश्नर भी नहीं खोल सके उसको खुलवाने नैनीताल की जनता को हाईकोर्ट जाना पड़ा है। कोरोना के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस गेट पर जड़े ताले को आज हाई कोर्ट ने खोलने के आदेश दिये हैं। हाईकोर्ट ने अस्पताल प्रबंधन के इस व्यवहार पर अब सरकार से रिपोर्ट मांगी है 11 नवंबर को प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आपको बतादें की नैनीताल जिला अस्पताल जिस गेट से बुजुर्ग और गंभीर रोग से ग्रसित लोग अस्पताल जाते आते थे उस पर पिछले 2 साल से अस्पताल ने ताला जड़ दिया था जिससे लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा था जिसको लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी जिस पर अब कोर्ट ने गेट खोलने के आदेश दिये हैं।
दरअसल इससे पहले कई संगठनों और जनता ने अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, स्थानीय लोहों के ओर से दिए ज्ञापन में कहा गया कि नीचे वाले गेट से गंभीर बीमारियों वाले लोगों को चढ़ाई के दिक्कतें आती हैं तो सांस के मरीजों की बड़ी दिक्कत आने जाने की रहती है। हालाकिं इन शिकायत के बाद कमिश्नर कुमाऊँ दीपक रावत में गेट खोलने के निर्देश कुछ महीने पहले निरीक्षण के बाद दिए थे लेकिन अस्पताल प्रबंधन खुद को कमिश्नर से बड़ा मानकर गेट पर जड़े ताले को खोलने की जहमत तक नहीं मानी अब जनता की परेशानियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने अपना आदेश दिया है