कंट्रोल से बाहर हो रही है नैनीताल की भीड़.. कई घंटों का जाम तो लूट से पर्यटक परेशान..पुलिस व्यवस्थाओं के खिलाफ नैनीताल बंदी का ले सकते हैं निर्णय-कारोबारी…

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नैनीताल – पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल में प्रशासन के कंट्रोल से भीड़ बाहर होते जा रही है..पिछले दो दिनों से नैनीताल पैक है तो शहर चारों तरफ जाम का झाम झेल रहा है..हालात ये हैं कि नैनीताल आने वाली सभी सड़कों में जाम लगा हुआ है तो 4 से 6 घंटों तक पर्यटक जाम में परेशान हो रहे हैं..हालात इतने ज्यादा बूरे हैं कि रुसीबाइपास नारायणनगर में लम्बा जाम लगा है तो भीमताल से लेकर भवाली कैंचीधाम भी जाम की चपेट में है..जाम से परेशानियां ना सिर्फ पर्यटकों की बनी है बल्कि स्थानीय लोगों को भी इस मुसीबत से परेशानियां पैदा हो रही है लोग अपने घरों में टाइम पर नहीं लौट पा रहे हैं तो मरीजों को भी हल्द्वानी चैकअप कराने की दिक्कतें हो रही हैं..

क्यों लगा रहे हैं पर्यटक लूट का आरोप…

पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों के लिये नैनीताल आना किसी महाभारत से कम नहीं है..जाम के झाम से अगर नैनीताल पहुंच भी रहे हैं तो पार्किंग की बड़ी समस्या टूरिस्ट के लिये बन रही है..वहीं गजब की बात ये है कि शहर से बाहर नारायण नगर की पार्किंग में 250 रुपये वसूला जा रहा है जिससे पर्यटक नाराज हैं..रविवार शाम हालात ये हैं कि पर्यटकों को ना तो शटल सेवा मिल रही है ना ही प्रशासन का बसों का इंतजाम ही पूरा है.हालात इतने ज्यादा बिगड़े हैं कि महानगरों से आए कैंचीधाम के पर्यटक दर्शन तक नहीं कर सके और शाम को वापसी की ट्रेन छूटने का ड़र के चक्कर में वापस लौटना पड़ा है..हांलाकि इसके बाद भी वो घंटो तक जाम में फंसे रहे..
बंगाल से आई पर्यटक पूनम ने कहा कि चारों तरफ लूट ही लूट है..होटल महंगे दिये जा रहे हैं तो टैक्सी के भी दोगुने पैंसे मांगे जा रहे हैं वहीं बसों का इंतजाम नहीं होने से कैसे लौटें..
वहीं पर्यटक मनीष और माथुर भी इसी समस्या से परेशान दिखे हैं उन्हौने बताया कि 7 घंटे का जाम से निकलकर आए हैं लेकिन अब ट्रेन की बुकिंग है लेकिन तय समय पर पहुंच नहीं सकते हैं आगे बुकिंग घर के लिये मिलेगी नहीं कह सकते हैं।

प्रशासन की व्यस्थाओं पर कारोबारियों के सवाल…

वहीं नैनीताल पर्यटन कारोबारियों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं..रविवार दोहपर में पुलिस ने इंडिया होटल के पास बैरियर लगा दिया और मल्लीताल के बजाए टूरिस्ट को वापस लौटाना शुरु कर दिया..इसकी भनक पर्यटन कारोबारियों को लगी तो सभी लोग इंडिया होटल पहुंचे पुलिस के इस रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज किया..हांलाकि पुलिस ने कारोबारियों की एक नहीं सुनी और गाडियों को वापस लौटाते रहे हांलाकि इसके बाद आक्रोश में आए पर्यटन कारोबारियों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की..इस दौरान नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यटन आय जा जरिया है और सरकार को इससे टैक्स मिलता है लेकिन सरकार के अधिकारी पर्यटन के खिलाफ हैं..वहीं दिग्विजय बिष्ट ने कहा कि अगर ऐसा ही रवैया प्रशासन का रहा तो आने वाले दिनों में संयुक्त मोर्चे की बैठक कर नैनीताल बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है..हांलाकि प्रशासन से बातचीत के बाद होटल कारोबारियों ने अपना धरना वापस लिया और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। वहीं गुड़गांव से आए पर्यटक प्रियंका ने कहा कि तीन चक्कर कटवा दिये लेकिन इसके बाद भी हमको नयना देवी मंदिर पुलिस ने नहीं जाने दिया गया पैंसा भी तीन बार दिया और अब भी उनको नहीं जाने दे रहे हैं..वहीं सिवांश ने कहा कि पुलिस की व्यस्थाएं नैनीताल में बेकार है टैक्स देते हैं लेकिन कोई व्यस्थाएं नहीं है 4 घंटे से परेशान है पुलिस सुविधा देने के बजाए सब को परेशानी में डाल रही है..