उत्तराखंड में मुफ्त राशन के बाद भी हो गया घोटाला….कौन खा गया 300 करोड़ का राशन…राशन कार्ड को ऑन लाइन कर हुआ खेला…….

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नैनीताल – उत्तराखंड में बीजेपी ने भले ही फ्री राशन के मुद्दे पर चुनाव लड़ा हो लेकिन राज्य में मुफ्त राशन के बाद भी करीब 300 करोड़ का राशन घोटाला हो गया है। हालांकि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाई कोर्ट में मामला पहुंचा है और हाई कोर्ट ने भी केंद्र व राज्य सरकार सचिव खाद्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस कोर्ट 22 जून को इस मामले की सुनवाई करेगा।

ऐसे हुआ खेला…

दरअसल 35 हजार से ज्यादा राशन कार्डों में गड़बड़ी को लेकर रुद्रपुर के केपी गंगवार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है और एक बड़ा घोटाला होने की बात की है याचिका में कहा गया है कि अंत्योदय कार्ड से APL और BPL कार्ड से अधिकतर राशन निकाला गया है,याचिका में कहा गया कि अधिकारियों द्वारा जो एपीएल कार्ड हैं उनको ऑनलाइन बीपीएल और अंत्योदय में कन्वर्ट किया गया और गोदाम से राशन फिजिकल बांट दिया गया। याचिका में कहा गया है कि राशन कार्ड के बदलाव के लिए सरकार की कमेटी द्वारा निर्णय लेना होता है लेकिन बिना रिपोर्ट के बदलाव कार्रवाई कर दी गयी। याचिका में कहा गया है कि डोर टू डोर राशन के नाम पर 3 करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ है। याचिका में कहा गया कि इसकी शिकायत पीएमओ से सचिव खाद्य को शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
याचिका में केंद्र सरकार के किसी निष्पक्ष एजंसी से जांच की मांग है तो सभी डाटा ऑनलाइन करने की मांग की गई है। याचिका में बायोमैट्रिक के साथ गोदाम से गाड़ी पर जीपीएस सिस्टम लागू करने की मांग की गई है और राशन डोर टू डोर बांटने की मांग की है।