130 साल पुराने रामदत्त के पंचांग से इस दिन मनाएं राखी…इस दिन है पहाड़ में शुभ मुहूर्त……भद्र में ना बांधे राखी ना ही बदलें जनेऊ..

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पहाड़ में रक्षाबंधन को लेकर लोगों में भ्रम है कि राखी 11 को या फिर 12 को मनाना उचित है। लोग एक दूसरे से सलाह ले रहे हैं कि कम मनाए रखी लेकिन नैनीताल के पंडित गिरिश जोशी ने बताया है कि राखी का पर्व पहाड़ में 12 अगस्त को मनाया जायेगा। नैनीताल में सालों से राखी का कारोबार कर रहे मनोज जोशी कहते है कि लोगों में बड़ा कन्फ्यूजन है कि राखी 11 को मनाएं या फिर 12 को हर कोई पूछता जरुर है…हांलाकि पहाड़ के कई पंडित बता रहे हैं कि 11 नहीं बल्कि 12 को रखी मनाने का सही समय है क्योंकि चम्पावत की बग्वाल भी राखी के दिन 12 को ही खेली जायेगी।

12 अगस्त को राखी बांधने का समय

सावन मास की पूर्णिमा 11 अगस्त को 10 बजकर 39 मिनट पर शुरू हो रही है जो 12 अगस्त सुबह 7 बजकर 5 मिनट को समाप्त होगी। इसके साथ ही भद्रा सुबह से शुरू होकर रात 08 बजकर 51 मिनट पर समाप्त हो रही है। इसके बाद बहनें भाईयों को राखी बांध सकती है। लेकिन हिंदू धर्म के अनुसार, सूर्यास्त के बाद किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही होती है। इसलिए 12 अगस्त को राखी का त्योहार शुभ माना जा रहा है। 12 अगस्त को पूर्णिमा सुबह 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। इस समय तक राखी बांधना शुभ होगा। पंडित गिरिश जोशी कहते हैं कि पहाड़ के लोग रामदत्त जोशी के पंचांग के मानते हैं जो 130 साल पूराना है..दूसरे पंचांग वालों ने भ्रम में लोगों को डाला है। पंडित गिरीश कहते हैं कि 11 को सुबह चर्तुर्दशी है इस दौरान यज्ञोपवित्र संस्कार नहीं हो सकता है उसके बाद 2 बजे पूर्णमासी लगेगी तो 2 बजे जनेऊ धारन नहीं किया जा सकता है। आपको बतादें कि नैनीताल की नयना देवी मन्दिर ने भी 12 को रक्षा बंधन मनाने को कहा है तो वहीं रक्षाबंधन के दिन खेली जाने वाली बग्वाल भी 12 को ही खेली जायेगी जिसके चलते 12 को ही रक्षाबंधन मनाया जायेगा।

नव वर्ष 2023 की शुभ कामनाएँ।