राजधानी में प्रदूषण की पड़ी मार..प्रदूषण हेल्थ इमरजेंसी घोषित…

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देश की राजधानी पराली के धुएं व धुंध से हुई बेदम.. 450 के पार पहुंचा ए.क्यू.आई..लागू किया गया ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण…

दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है। हवा जहरीली होने के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल, दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंचने के कारण ग्रेप का तीसरा चरण लागू हो गया है। इससे निर्माण कार्यों पर प्रतिबंंध लगाया गया है।”आप” सरकार ने जनता से कम से कम सड़कों पर निकलने की करी गुजारिश।

राजधानी के कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर हेल्थ इमरजेंसी की सीमा के पार…

दिल्ली के आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर हेल्थ इमरजेंसी की सीमा को पार कर गया है। यहां पर शाम 5 बजे ए.क्यू.आई 460 दर्ज हुआ। ग्रैप के नियमों के तहत 450 से अधिक एक्यूआई होने पर उसे हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति माना जाता है। आनंद विहार सितंबर के अंतिम दिनों से ही कई बार गंभीर स्तर के प्रदूषण को झेल चुका है। इस सीजन में पहली बार किसी जगह हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति पर आ चुकी है।

ग्रैप में आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर निर्माण कार्यो पर रहता है प्रतिबंध…

प्रदूषण की खराब स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान “ग्रैप” के तीसरे चरण के तहत प्रतिबंधों को तुरंत लागू करने का निर्देश दे दिया है। प्रतिबंधों में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, रेलवे और मेट्रो रेल सहित अन्य आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर अन्य निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है।मतलब अनावश्यक भवन निर्माण व उनका ध्वस्तीकरण पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।