शिवराज है मैं… रुकेगा नहीं साला…… डीजीपी ने कहा 15 अगस्त को हम भी मेड़ल देगा ..पढ़ें पूरी कहानी देखें वीडियो कौन है नैनीताल का शिवराज..

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नैनीताल – अपने लिये तो सभी लड़ते हैं लेकिन अगर लड़ाई दूसरों के लिये लड़ी जाए तो उससे बड़ा सिपाही कोई नहीं..आज हम बात ऐसे ही कर्मठ पुलिसकर्मी की कहानी आपको बता रहे हैं..नैनीताल का ये पुलिस जवान रात हो या फिर दिन चौबीसों पहर लोगों की मदद के लिये एकदम खड़ा रहता है ये जवान..कई लोगों की जान बचा चुके इस पुलिस जवान को अब 15 अगस्त को मेड़ल  देने की घोषाण कर उसका काम पर खुद डीजीपी ने मुहर लगा  दी है।

शिवराज है में…अभी नहीं रुकेगा….

दरअसल कहानी नैनीताल के तल्लीताल थाने में तैनात शिवराज राणा की है जो कोरोना के दौरान नैनीताल थाने में तैनात किया गया..तल्लीताल में हुई नियुक्ति के बाद शिवराज राणा ने धीरे धीरे समाज में अपनी जगह बनानी शुरु की तो तल्लीताल का ये चीता दूसरों के लिये जीता नजर आने लगा…
अपने कार्यकाल के दौरान शिवराज राणा ने नैनीझील में डूबकर आत्महत्या करने जा रहे करिब 13 लोगों को अब तक बचाया है तो आपात कालिन स्थिति में संयुक्त अभियान के तहत 30 लोगों को खाई से निकाला…25 पर्यटकों की मदद फोन खोजकर की जिनको बकायदा उनके पते पर उनके घर भेजा गया 16 पर्यटकों के पर्स भी खोजकर उनको लौटाए गये। पिछले तीन सालों में राणा ने 15 के करिब लोगों की लाशों को भी झील से निकाला तो हाल में ही तल्लीताल के त्रिमूर्ति में रात को लगी आग के दौरान त्वारित कार्रवाई से 15 गाडियों के साथ 3 घरों को आग से बचा लिया…शिवराज बताते हैं कि सूचना मिलने के 1 मिनट में तैयार होकर मौके पर पहुंचना होता है क्योकि आपात काल की सूचना ही आमतौर पर मिलती हैं ऐसे में लोगों की जान बचाना प्राथमिक्ता रहती है।

पर्यटकों की मदद से महाराष्ट्र कैबिनेट ने दी बधाई…

दरअसल शिवराज राणा 112 की काँल के साथ उनके नम्बर पर भी सीधे काँल पर्यटकों से लेकर स्थानीय लोग करते हैं..होटलों की शिकायत मिलते ही कई बार शिवराज राणा ने या तो पैंसा वापस दिलाकर पर्यटकों की मदद की या फिर नए होटल में उनको रहने की व्यवस्था की पिछले साल अक्टूबर की आपादा में चारधाम यात्रा से लौट रहे 27 बुजुर्ग पर्यटकों की जान बचाई और उनके रहने खाने की सभी व्यस्थाएं कराई थी..इस बेहतर काम के लिये महाराष्ट्र कैबिनेट ने स्पेशल थैंक्स शिवराज राणा के लिये भेजा..शिवराज कहते हैं कि पर्यटकों से जुड़े रोजाना 40 से 50 मामलों का निस्तारण किया जाता है जिसमें दोनों पक्षों की रजामंदी मौके पर ही होती है..

कोरोना के दौरान भी की लोगों की मदद….

दरअसल कोरोना के दौरान लोगों की शिवराज राणा ने मदद की और नैनीताल के आस पास लोगो के घरों तक राशन दवा पहुंचाने का काम किया..शिवराज बताते हैं कि कोरोना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती गाड़ी नहीं चलनेके दौरान बेतालघाट में एक घर मे हार्ड़ की दवा पहुंचाने की चुनौती थी लेकिन सब कुछ पिछे छोड़कर दावा पहुंचाया गया क्योंकि इस दवा की जरुरत मरिज को थी..जब मरीज ठीक हो गया तो उसकी बेटी थैक्स कहने नैनीताल थाने आई..शिवराज कहते हैं कि कोरोना में गांव के लोगों की भी मदद की गई इस दौरान गरिब परिवारों को संस्थाओँ और स्कूलों के माध्यम से राशन व अन्य मदद दी गई थी जिसमें हजारों लोगों की मदद हो सकी है।

महिलाओं के लिये भी मददगार …..

शिवराज राणा समाज में लगातार घूलने मिलने के चलते उनके निजी मोबाइल में लोग फोन करते हैं..शाम को फोन खास तौर पर महिलाओं के होते हैं जिनके पति शराब के नशे में पत्नी और बच्चों से मारपीठ करते हैं..इसके साथ ही छेड़खानी के मामलों को भी शिकायत मिलने पर वो मौके पर पहुंच जाते हैं। शिवराज राणा कहते हैं कि ऐसे कई मामलों का निस्तारण किया गया और कई परिवारों की काउंसलिंग भी की गई है जिससे अब कुछ परिवारों में इस तरह की घटनाओं में कमी आ गई है। शिवराज राणा कहते हैं कि कई युवा डिप्रेशन के चलते भी झील में आत्महत्या करने आते हैं तो कुछ स्कूलों और परिवार के दबाव के चलते भी कुछ ऐसा ही कदम उठाते हैं लेकिन ऐसे मामलों में भी वो आगे आकर परिवार व बच्चों को काउंसलिंग कर घर भेजने में कामयाब रहे हैं।

शिवराज का टाँर्च नशेडियों का खौफ…

नैनीताल में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार पर भी शिवराज राणा का फोकस है..अब तक कई मामलों का निस्तारण शिवराज अपने प्रयासों से कराते आए हैं

..नशे के लिये नैनीताल में बाँड़ और स्मैक के ज्यादा मामले आते हैं तो छोटे बच्चे खास तौर पर बाँड़ सूंघकर नशा करते हैं राणा ने इन बच्चों को सुधारने के लिये कई दुकानों में बाँड़ को बेचने से रोका गया तो कई पारिवारों को भी खुद के प्रयासों से स्मैक से बचाने के लिये हल्द्वानी नशा मुक्ति केन्द्र भेजा गया राणा बताते हैं कि कैलाखान बुचड़खाने के साथ स्टोनले के परिवार को भेजा गया है..कई नशेडियों को तो इस बात का खौफ है कि राणा के पास करंट वाला टार्च है..स्टार न्यूज से बातचीत में शिवराज राणा कहते हैं कि वो पुलिस में नौकरी करते हैं और पुलिस जनता के लिये है लेकिन पुलिस में तैनात लोगों को चाहिये कि वो खुद नियमों का पालन करें ताकि समाज में भी सुधार आ सके। शिवराज कहते हैं कि आगे भी कोशिश है कि वो ऐसा ही समाज के लिये कुछ दे सकें।